जिले में कुल 91 मान्यता प्राप्त कालेज हैं। इनमें 30 कॉलेजों के प्रबंधन ने 2011 से 2016 के मध्य पद से अधिक 42 शिक्षकों की नियुक्तियां कर लीं। इसमें कई कालेजों के प्रबंधक, पूर्व डीआईओएस और अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) की वाराणसी शाखा को सौंप दी। साथ ही सबका वेतन रोकने का आदेश दे दिया। एक साल पहले कई शिक्षकों के वेतन जारी कर दिए गए। इस पर शासन ने आपत्ति जताते हुए वर्ष 2020 में प्रकरण की नए सिरे से जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी।
नियुक्तियों में अनियमितता पाए जाने पर 20 शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों का वेतन रोका गया है। एक विद्यालय में प्रबंधकीय विवाद और फर्जी नियुक्ति करने के आरोप में प्रबंध समिति को भंग किया गया है। विभागीय जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर कार्रवाई होगी। - डॉ. ब्रजेश मिश्र, डीआईओएस, बलिया।