फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘वाम और राम...:’ विवादित बयान पर संतों ने की ममता के त्याग पत्र की मांग, कहा- राजनीति में ऐसे लोग नहीं चाहिए

Fri, 16 Aug 2024 11:24 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ हैवानियत के बाद अस्पताल में तोड़फोड़ की गई थी। इसको लेकर ममता बनर्जी ने ‘वाम और राम...’ बयान दिया था। सोशल मीडिया पर यह बयान वायरल होने के बाद पूरे देश की राजनीति गर्म हो गई है। वहीं, संत समाज ने भी ममता के बयान की निंदा की है।
विज्ञापन
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भगवान श्रीराम को राजनीति में घसीटना निंदनीय है। उक्त बातें अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में ममता सरकार को त्याग पत्र देकर मामले की जांच करवानी चाहिए।

विज्ञापन


बता दें, कोलकाता में लेडी डॉक्टर के साथ हैवानियत के बाद आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तोड़फोड़ किया गया था। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि ‘विपक्ष इस मामले को बांग्लादेश जैसा विरोध-प्रदर्शन करवाना चाहती है। वह हिंसा को बढ़ावा दे रही है।’ ममता ने कहा कि यह तांडव वाम और राम कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


काशी के संत स्वामी जीतेन्द्रानन्द ने ममता बनर्जी के इस बयान का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने ममता सरकार से त्याग पत्र की मांग की है। कहा कि इस मामले का सनातन धर्म से कोई लेना देना नहीं है। भगवान राम चराचर जगत के ब्रह्म हैं। ममता जैसे लोग राजनीति में होने ही नहीं चाहिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें