संत रविदास जयंती में देश विदेश से आए ट्रस्ट और संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर रविदासिया धर्म को संवैधानिक दर्जा और जनगणना में अलग धर्म का कॉलम दर्ज करने की मांग की। इस मामले में सरकार को पत्र भी दिया जा चुका है। बैठक में रविदासिया धर्म के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संत मनदीप दास, अध्यक्ष सुखदेव वाघमारे, महेंद्र पाल, सतपाल विर्दी, निरंजन चीमा, सहित कई लोग मौजूद रहे।
रविदास जयंती पर सीरगोवर्धनपुर में उमड़ा आस्था का रेला
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संत रविदास मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों के अनुसार माघी पूर्णिमा पर सीरगोवर्धन में रैदासियों की भीड़ ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। संत रविदास मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि दो साल कोरोना संक्रमण के कारण भक्त नहीं आ सके थे। इस बार तो मेला क्षेत्र का हर कोना संगत से गुलजार नजर आ रहा है।
ट्रस्ट के अनुमान के मुताबिक इस बार 13 लाख से अधिक लोगों ने संत के चरणों में हाजिरी लगाई है। वर्ष 2019 में सबसे अधिक 10 लाख रैदासी आए थे। ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी सतपाल विर्दी ने कहा कि 14 सालों में 20 करोड़ लोग रविदासिया धर्म में शामिल हो चुके हैं।