बनारस के चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद मुंबई से जांच के लिए आई सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट की टीम ने सुझावों के साथ अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट सेतु निगम को भेज दी है। ट्रैफिक डायवर्जन और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस किया गया है।
सुझाव दिया गया है कि फ्लाईओवर कार्य क्षेत्र से किसी सूरत में भारी वाहन न गुजरने पाएं। छोटे वाहनों को भी सर्विस रोड पर बीम से कम से कम तीन मीटर की दूरी से गुजारा जाए। हालांकि सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम की फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है।
सेतु निगम के मुताबिक एक-दो दिन में फाइनल रिपोर्ट भी आ जाने की संभावना है। सेफ्टी-सिक्योरिटी से जुड़े पहलुओं पर फाइनल रिपोर्ट में जो भी सुझाव आएंगे, उन सब पर अमल किया जाएगा। काम शुरू कराने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की सुव्यवस्थित प्लानिंग बनाई जाएगी।
गौरतलब है कि हादसे के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने मुंबई से सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट आडिट के लिए टीम बुलाई थी। टीम ने एक सप्ताह तक यहां रहकर फ्लाईओवर निर्माण और ट्रैफिक दबाव सहित विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन किया।
ड्राफ्ट रिपोर्ट में टीम ने निर्माण क्षेत्र को लोहे की बैरिकेडिंग से सील कराकर काम कराने और सर्विस रोड से किसी सूरत में भारी वाहनों के गुजरने न देने का सुझाव दिया है।
यह भी कहा है कि सर्विस रोड से सिर्फ हल्के वाहन गुजर सकते हैं, वह भी बीम से कम से कम मीटर की दूरी से। लहरतारा-कैंट-चौकाघाट मार्ग पर वाहनों का दबाव सबसे अधिक होता है। अब सेतु निगम और प्रशासन के सामने बड़ी मुश्किल वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान को लेकर है।