समयाभाव के कारण वह अपनी साधना पूर्ण नहीं कर पाई थीं। इस वर्ष वो गुरुदेव आशापति के सानिध्य में आईं और अनुभूति प्राप्त होने पर उन्होंने मन्त्र दीक्षा लेने की इच्छा जाहिर की, प्रक्रिया के अनुसार उनको पांच दिन की साधना एकांत में करने का निर्देश दिया गया और मां के सानिध्य मे जाने का निर्देश दिया गया।
पांच दिनों में प्राप्त अनुभूतियों के अनुसार उन्होंने माता सिद्धिदात्री की दीक्षा लेने का निर्णय किया। इन्गा ने बताया कि वो परमात्मा की शरण में जाने और उच्च साधना के लिए मंत्र दीक्षा ली है। वर्तमान में वह रशिया-यूक्रेन युद्ध से काफी व्यथित हैं और इसकी शांति के लिए भी वे मां से प्रार्थना करेंगी।