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वाराणसीः तंत्र दीक्षा लेकर रूस की इन्गा बनीं इन्गानंदमई मां, रशिया-यूक्रेन युद्ध से हैं दुखी

Wed, 07 Feb 2024 09:37 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में शिवाला स्थित वाग्योग चेतना पीठम में रूस की रहने वाली इन्गा बारादोश ने माता सिद्धिदात्री की तांत्रिक दीक्षा ली। इन्गा ने बताया कि वो परमात्मा की शरण में जाने और उच्च साधना के लिए मंत्र दीक्षा ली है। वर्तमान में वह रशिया-यूक्रेन युद्ध से काफी व्यथित हैं और इसकी शांति के लिए भी वे मां से प्रार्थना करेंगी।
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रूस की रहने वाली इन्गा बारादोश ने वाराणसी में तांत्रिक दीक्षा प्राप्त की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रूस के मास्को की रहने वाली इन्गा बारादोश वाराणसी में बुधवार को तांत्रिक दीक्षा प्राप्त करने के साथ ही इन्गानंदमई मां बन गईं। तंत्र दीक्षा के बाद इन्गा का गोत्र भी कश्यप हो गया। महामहोपाध्याय प्रो. भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी द्वारा स्थापित वाग्योग चेतना पीठम शिवाला में बुधवार को आयोजित अनुष्ठान के दौरान तंत्र दीक्षा पूर्ण हुई।

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बुधवार को शिवाला स्थित वाग्योग चेतना पीठम में पं. आशापति शास्त्री ने रूस की रहने वाली इन्गा बारादोश को माता सिद्धिदात्री की तांत्रिक दीक्षा प्रदान की। इन्गा अपने जन्मदिन पर मंत्र दीक्षा लेने आई थीं। पीली साड़ी में इन्गा बारादोश पूर्ण रुप से सनातनी लग रही थीं। वह बहुत भावुक थीं। अनुष्ठान और गुरुमंत्र लेने के बाद गोत्र के साथ ही इन्गा का नाम भी बदल गया।

अब इन्गा बारादोश को सनातन परंपरा के अनुसार इन्गानंदमई मां नाम से जाना जाएगा और उनका गोत्र कश्यप हो गया है। पूजन पं. आशापति शास्त्री के आचार्यत्व में पं सत्यम शास्त्री, पंडित शिवप्रसाद शास्त्री तथा गंगा प्रसाद शास्त्री ने कराया। इन्गा गुरुदेव वागीश शास्त्री के सानिध्य में वर्ष जनवरी 2012 में आईं और कुंडलिनी ध्यान का शक्तिपात द्वारा अध्ययन किया।
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समयाभाव के कारण वह अपनी साधना पूर्ण नहीं कर पाई थीं। इस वर्ष वो गुरुदेव आशापति के सानिध्य में आईं और अनुभूति प्राप्त होने पर उन्होंने मन्त्र दीक्षा लेने की इच्छा जाहिर की, प्रक्रिया के अनुसार उनको पांच दिन की साधना एकांत में करने का निर्देश दिया गया और मां के सानिध्य मे जाने का निर्देश दिया गया।

पांच दिनों में प्राप्त अनुभूतियों के अनुसार उन्होंने माता सिद्धिदात्री की दीक्षा लेने का निर्णय किया। इन्गा ने बताया कि वो परमात्मा की शरण में जाने और उच्च साधना के लिए मंत्र दीक्षा ली है। वर्तमान में वह रशिया-यूक्रेन युद्ध से काफी व्यथित हैं और इसकी शांति के लिए भी वे मां से प्रार्थना करेंगी।
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