रविंद्रपुरी की गुरुधाम कॉलोनी के रहने वाले सराफा व्यवसायी माधव सोनी की बेटी चंद्रा सोनी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करती हैं और वहां फंसी हुई हैैं। चंद्रा के भाई वेंकटेश सोनी जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एमबीए कर रहे हैैं। वह बर्लिन में ही रुककर पोलैैंड के रास्ते बहन के आने का इंतजार कर रहे हैं।
चंद्रा की मां विभा सोनी ने बताया कि बेटी का हॉस्टल विश्वविद्यालय कैंपस से बाहर है। वह एक अध्यापक और साथ पढ़ने वाले पांच भारतीय बच्चों के साथ वहां फंसी हैं। बिजली कट जाने से मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहा है। इस कारण शुक्रवार से संपर्क भी खत्म हो चुका है।
चंद्रा दो साल से यूक्रेन की लेविव मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही हैं। उन्होंने मां को बताया कि एटीएम बंद हो जाने से पैसे की समस्या भी आ सकती है। सुपर मार्केट में सामान की कमी हो रही है। अभी तो खाने की समस्या नहीं है, लेकिन यहां परिवार की नींद उड़ी हुई है। विभा ने बताया कि भारतीय दूतावास से बात हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखकर बेटी को वहां से निकालने की गुहार लगाई है।
रोहनिया क्षेत्र के नरउर निवासी डॉ. सुशील कुमार पटेल राजातालाब में रहते हैं और इनका पुत्र राहुल सिंह यूक्रेन के एजहार्ड विश्वविद्यालय से एमबीबीएस के प्रथम वर्ष का छात्र है। परिजनों को जब युद्ध की जानकारी हुई तो सभी लोग सशंकित हो गए और अपने पुत्र के सकुशल लौटने की कामना करने लगे। मां चंद्रावती देवी ने बताया कि टीवी पर देखकर दिल दहल गया।
डॉ. सुशील ने बताया कि बेटे से लगातार बात हो रही थी। वह बता रहा था कि जहां हम लोग हैं वहां पर अभी किसी तरह का खतरा नहीं है मगर वह काफी डरा लग रहा था। सुबह बेटे ने फोन कर बताया कि वह यूक्रेन से बस द्वारा हंगरी भेजा जा रहा है। बस में भारत के 70 छात्र हैं। इसमें बनारस के सात छात्र हैं। पिता ने सरकार की पहल की प्रशंसा की। जब बेटे ने बताया कि हम लोग बस में बैठ कर यूक्रेन से हंगरी के लिए चल दिए हैं तब काफी सुकून मिला। चिंताएं दूर हुईं।