प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बृहस्पतिवार को कहा था कि रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती को मजबूती प्रदान करेगा। इसमें काशी की प्राचीनता, आधुनिकता की चमक और सांस्कृतिक आभा भी है। यह जापान की ओर से काशीवासियों को प्रेम की माला की तरह है। रुद्राक्ष के माध्यम से काशी दुनिया को कला और संस्कृति के जरिये जोड़ने का नया माध्यम बनेगी। पीएम मोदी ने कहा था कि काशी दुनियाभर के कलाकारों को अपनी तरफ खींचती है। ऐसे में रुद्राक्ष देश और दुनिया भर में कला-संस्कृति के आदान-प्रदान का केंद्र बनेगा। कलाकारों का आह्वान करते हुए कहा कि रुद्राक्ष को अपनी प्राथमिकता में शामिल करें।
बनारस के कवि देश और दुनिया भर में जाने जाते हैं तो ऐसे में यहां पर वैश्विक रूप में कवि सम्मेलन का भी आयोजन कराया जा सकता है। अध्यात्म के साथ कला और संस्कृति को संजोए हुए रुद्राक्ष में जापान के सहयोग से वैश्विक संगीत व कला के आयोजन भी संपन्न होंगे। जापानी पीएम ने भी इस दिशा में प्रयास के लिए सकारात्मक संदेश दिए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को रुद्राक्ष के लोकार्पण समारोह के दौरान बनारसी रंग में रंगे नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि मेरे बनारस के तो रोम-रोम से गीत-संगीत और कला झरती है। बनारस का तबला बनारसबाज पूरी दुनिया में अलग पहचान रखता है। मेरे बनारस में ध्रुपद, धमार, कजरी, चैती, टप्पा, होरी, सारंगी, पखावज, शहनाई के साथ संगीत के सात सुर हरदम बजते हैं। गंगा के घाट पर ही अनगिनत कला और कलाकारों ने जन्म लिया है।