वाराणसी जिला जेल में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
घंटी की आवाज सुनाई देते ही जेल कर्मियों और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन कई थानों की फोर्स को जिला जेल भेजा गया। जेल पुलिस के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तब हालात काबू में आए। इसके चलते दो घंटे तक जिला जेल में अफरा-तफरी की स्थिति रही।
वाराणसी जिला जेल में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
हंगामा कर रहे बंदियों को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर उनकी निगहबानी बढ़ा दी गई है। साथ ही कैंट, सारनाथ और शिवपुर थाने को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। जिला जेल में हुए बंदियों के बवाल ने सेंट्रल जेल प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अधिकारियों के साथ बी बंदीरक्षक भी अलर्ट मोड में आ गए हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब वाराणसी जिला जेल में बंदियों ने उत्पात मचाया है। इसके पहले भी खाने की गुणवत्ता, कड़ाई कई अन्य मसलों को लेकर बंदियों ने हंगामा काटा है। वर्ष 2016 के अप्रैल माह में वाराणसी जिला कारागार में साढ़े सात घंटे तक बवाल हुआ था। जेल अधीक्षक को बंदियों ने कब्जे में लिया था। पथराव में कई सिपाही घायल हुए थे। कई वाहनों में आग लगा दी गई थी।
जिला कारागार में विचाराधीन बंदी राजेश कुमार जायसवाल की अभिरक्षा में शुक्रवार को श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय जिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में उपचार के दौरान हुई मौत की जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जॉच का आदेश दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट कौशल राज शर्मा ने अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ को जांच अधिकारी नामित किया है और निर्देश दिया है कि एक महीने में जांच आख्या उपलबध कराएं।