शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत सरकार गरीब बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में प्रवेश दिलाना चाहती है, परंतु इसमें कई दिक्कते सामने आ रही हैं। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण कई लोग आवदेन नहीं कर पाए हैं।
15 मार्च आवेदन की अंतिम तिथि है लेकिन आरटीई के पोर्टल पर जिले के कई प्राइवेट स्कूलों के नाम नहीं है। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर वाराणसी के सामाजिक संगठनों ने बुधवार को जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से की।
उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर बताया कि इस बार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में अभिभावकों को दिक्कतें आ रही हैं। साथ हीं आरटीई के पोर्टल पर जिले के कई प्राइवेट स्कूलों के नाम नहीं है।
इन कमियों को दूर करने के साथ ही उन्होंने आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन करने की मांग की। आशा ट्रस्ट और शिक्षा का अधिकार अभियान के कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई गई इस समस्या को डीएम योगेश्वर राम ने संज्ञान में लेते हुए आश्वासन दिया कि दाखिले में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।
उधर बीएसए जयकरन यादव की अनुपस्थिति में जिला शिक्षा समन्वयक जेपी सिंह ने ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि 20 मार्च से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर ऑफलाइन आवेदन फार्म जमा किए जाएंगे।
साथ ही मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची भी जल्द ही जारी की जाएगी। बता दें कि आरटीई के तहत शहर के निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देने का नियम है।