वाराणसी जिले में ट्रिपल आर (रिव्यू, रिमाइंड और रिजल्ट) की रणनीति का असर दिखने लगा है। इसके कारण जहां मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, वहीं महिला नसबंदी कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है।
वाराणसी जिले में मातृ एवं शिशु दर में कमी लाने और खुशहाल परिवार के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से लागू की गई ट्रिपल आर (रिव्यू, रिमाइंड और रिजल्ट) की रणनीति का असर दिखने लगा है। इसके कारण जहां मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है, वहीं महिला नसबंदी कराने वालों की संख्या भी बढ़ी है।
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सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि इसमें ट्रिपल आर के माध्यम से ही परिवार कल्याण के कार्यक्रम को गति दी जा रही है। रिव्यू में नियमित योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। इसमें हर शुक्रवार को अंतराल दिवस, हर महीने की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस मनाए जाने के साथ ही समय-समय पर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को याद दिलाया जाता है। यानी रिमाइंड भी कराया जाता है। इसका रिजल्ट देखने को मिला है। परिवार नियोजन के साधनों का उपयोग करने में भी महिलाओं की दिलचस्पी बढ़ी है।
पांच साल में बढ़ा नसबंदी का ग्राफ
सीएमओ ने बताया कि पांच साल में नसबंदी का ग्राफ बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में महिला नसबंदी की संख्या 6,679 थी जो 2022-23 में बढ़कर 9,456 हो गई।
अप्रैल 2021 में 142 महिला नसबंदी हुई, अप्रैल 2022 में 196 और अप्रैल 2023 में 301 नसबंदी हुई हैं। इसके साथ ही पुरुष नसबंदी 2017-18 में 25 हुई थीं जो 2022-23 में बढ़कर 98 हो गई।