रमजान के पहले बुधवार को रवायत के मुताबिक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के भीखाशाह गली स्थित पैतृक आवास पर रोजा इफ्तार होगा। उस्ताद ने सात दशक पहले इस रोजा इफ्तार को शुरू किया था। उनके इंतकाल के बाद परिवार के लोग इस परंपरा को निभा रहे हैं। शिया जमा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर व उस्ताद के पोते आफाक हैदर ने बताया कि मगरिब की अजान के बाद नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद इफ्तार होगा। इस मौके पर मजलिस और नौहाख्वानी भी होगी। इसमें उस्ताद के मुरीद भी शामिल होंगे।
खजूर से खोला रोजा, पढ़ी नमाज
वाराणसी। पांचवें रमजान पर मंगलवार को मगरिब की अजान के साथ रोजेदारों ने रोजा खोला। खजूर के साथ लजीज व्यंजनों से इफ्तार किया। नमाज अदा की। वहीं, शिया मस्जिदों में इफ्तार के बाद मजलिस हुई। नई सड़क के पास कदीमी इफ्तार हुआ। दोषीपुरा, राजापुरा में भी मजलिसें हुईं। वहीं, शहर के विभिन्न इलाकों में दर्जन भर से अधिक मस्जिदों में चल रही छह दिन की तरावीह मुकम्मल हुई। हाफिजों की गुलपोशी हुई।