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Varanasi News: नारी शक्ति वंदन विधेयक पर रार, महिलाओं ने विपक्षी नेताओं के जलाए पोस्टर

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संसद में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक) को लेकर मचे घमासान के बाद रविवार को महिला परिषद के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने बेनकाब मार्च निकाल कर अपना आक्रोश दर्ज कराया। सुभाष मंदिर से लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार तक निकले इस मार्च के दौरान महिलाओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं के पोस्टर जलाए और उनके इस्तीफे की मांग की। आक्रोशित महिलाओं ने विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार देते हुए घर-घर में उनके बहिष्कार का ऐलान किया।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही बीएचयू की प्रोफेसर डॉ. मृदुला जायसवाल ने कहा कि संसद में महिलाओं को अपमानित करने वालों का वही हश्र होगा, जो महाभारत में द्रौपदी का अपमान करने वालों का हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए अपना फर्ज निभाया है, लेकिन कुछ दलों ने इसमें बाधा डाली है। विशाल भारत संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अर्चना भारतवंशी ने इसे महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस अपमान को व्यक्तिगत तौर पर ले रही हैं। जो दल 33 प्रतिशत आरक्षण देने में रोड़ा अटका रहे हैं, अब देश की महिलाएं उन्हें राजनीति से 100 प्रतिशत आउट करने का काम करेंगी।

इस प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एक अनोखा संकल्प भी लिया, जिसे किचन हड़ताल का नाम दिया गया है। महिला परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नजमा परवीन और पूनम श्रीवास्तव ने कहा कि यदि उनके परिवार के पुरुष या पति इन महिला विरोधी दलों का समर्थन करते हैं तो घरों में चाय-पानी बंद कर दिया जाएगा और किचन हड़ताल की जाएगी। डॉ. परवीन ने कहा कि यदि परिवारवाद के नाम पर कुछ खास महिलाएं सांसद बन सकती हैं, तो आम और शिक्षित महिलाएं क्यों नहीं? मार्च में हाथों में पोस्टर लिए महिलाओं ने महिला आरक्षण नहीं तो रोटी-पानी बंद के नारे लगाए। इस दौरान कृष्णावती, रेखा, कलावती, वंदना, शालमनी और उर्मिला आदि माैजूद रहीं।
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