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दो चरणों में वाराणसी शहर को कनेक्ट करेगा रोपवे, 15 स्टेशन पर दौड़ेगी लाइट मेट्रो

Sat, 27 Mar 2021 12:59 AM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

  • लाइट मेट्रो और रोपवे की संभावनाएं तलाशने पहुंची शासन की टीम
  • बीएचयू से भेल तक लाइट मेट्रो और कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे 
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गोदौलिया चौराहे पर लाईट मेट्रो को लेकर निरीक्षण करते मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल व वीडीए वीसी ईशा दुहन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रस्तावित लाइट मेट्रो और रोपवे परियोजना एक कदम आगे बढ़ी है। दो चरणों में रोपवे को कैंट से गोदौलिया को जोड़ा जाएगा और गेल से बीएचयू के बीच 15 स्टेशन पर लाइट मेट्रो दौड़ेगी। शुक्रवार को शासन की टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरे रूट का निरीक्षण किया और राइट्स की सर्वे रिपोर्ट पर लंबी मंत्रणा भी की।

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कांप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत वाराणसी में मेट्रो और रोपवे संचालन की योजना है। राइट्स ने पुराने शहर में मेट्रो संचालन का सर्वे किया था और रूट आदि का भी निर्धारण कर दिया है। शुक्रवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के  प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, उपाध्यक्ष वाराणसी विकास प्राधिकरण ईशा दुहन, सचिव डा. सुनील कुमार वर्मा एवं नगर नियोजक मनोज कुमार एवं अन्य अधिकारियों के साथ लाइट मेट्रो एवं रोप वे के प्रस्तावित अलाइनमेंट का किया स्थलीय निरीक्षण किया। 

लाइट मेट्रो के लिए बीएचयू से भेल के मध्य 16 किमी लंबे अलाइनमेंट के बीच प्रस्तावित 15 स्टेशनों एवं गोदौलिया से रथयात्रा एवं रथयात्रा से कैंट स्टेशन के मध्य प्रस्तावित रोप वे अलाइनमेंट के निरीक्षण के दौरान वास्तविक फिजिबिलिटी पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। यहां बता दें कि रोपवे संचालन के लिए सर्वे करने वाली वैपकॉस ने पहला रूट शिवपुर से कचहरी, सिगरा, रथयात्रा होते हुए लंका, दूसरा कचहरी से लहुराबीर, मैदागिन, गोदौलिया होते हुए लंका और तीसरा रूट लहरतारा से नरिया होते हुए बीएचयू तक है। 

ऐसे में मेट्रो और रोपवे को लेकर अंतिम निर्णय पर जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया जाना है। हालांकि रोपवे पुराने शहर में रोपवे को मुफीद माना जा रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे के ट्रायल का प्रस्ताव दिया गया है। इस पर 432 करोड़ रुपये खर्च का आंकलन किया गया है। इसमें बताया गया कि सबसे ज्यादा पर्यटक कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं और गोदौलिया की ओर जाते हैं। ऐसे में सड़कों पर दबाव कम होगा। ट्रायल के दौरान इस परियोजना की सफलता का आंकलन किया जाएगा।
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मेट्रो के आधे खर्च पर दौड़ेगी लाइट मेट्रो

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए प्रति किलोमीटर 350 करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया गया है, जबकि लाइट मेट्रो में यह खर्च 150 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर माना जा रहा है। रोपवे पर इस दूरी पर 80 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। लाइट मेट्रो के लिए बीएचयू, तुलसी मानस मंदिर, क्रीं कुंड, रथयात्रा, नदेसर, कलेक्ट्रेट, भोजूबीर, गनेशपुर, संगम विहार, तरना पर स्टेशन प्रस्तावित किया जा रहा है।

शासन की टीम ने लाइट मेट्रो एवं रोप वे के प्रस्तावित अलाइनमेंट का किया स्थलीय निरीक्षण किया है। रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर ही अंतिम निर्णय होगा। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त

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