लाइट मेट्रो के लिए बीएचयू से भेल के मध्य 16 किमी लंबे अलाइनमेंट के बीच प्रस्तावित 15 स्टेशनों एवं गोदौलिया से रथयात्रा एवं रथयात्रा से कैंट स्टेशन के मध्य प्रस्तावित रोप वे अलाइनमेंट के निरीक्षण के दौरान वास्तविक फिजिबिलिटी पर व्यापक विचार विमर्श किया गया। यहां बता दें कि रोपवे संचालन के लिए सर्वे करने वाली वैपकॉस ने पहला रूट शिवपुर से कचहरी, सिगरा, रथयात्रा होते हुए लंका, दूसरा कचहरी से लहुराबीर, मैदागिन, गोदौलिया होते हुए लंका और तीसरा रूट लहरतारा से नरिया होते हुए बीएचयू तक है।
ऐसे में मेट्रो और रोपवे को लेकर अंतिम निर्णय पर जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया जाना है। हालांकि रोपवे पुराने शहर में रोपवे को मुफीद माना जा रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे के ट्रायल का प्रस्ताव दिया गया है। इस पर 432 करोड़ रुपये खर्च का आंकलन किया गया है। इसमें बताया गया कि सबसे ज्यादा पर्यटक कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं और गोदौलिया की ओर जाते हैं। ऐसे में सड़कों पर दबाव कम होगा। ट्रायल के दौरान इस परियोजना की सफलता का आंकलन किया जाएगा।
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए प्रति किलोमीटर 350 करोड़ रुपये खर्च का आकलन किया गया है, जबकि लाइट मेट्रो में यह खर्च 150 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर माना जा रहा है। रोपवे पर इस दूरी पर 80 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। लाइट मेट्रो के लिए बीएचयू, तुलसी मानस मंदिर, क्रीं कुंड, रथयात्रा, नदेसर, कलेक्ट्रेट, भोजूबीर, गनेशपुर, संगम विहार, तरना पर स्टेशन प्रस्तावित किया जा रहा है।
शासन की टीम ने लाइट मेट्रो एवं रोप वे के प्रस्तावित अलाइनमेंट का किया स्थलीय निरीक्षण किया है। रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर ही अंतिम निर्णय होगा। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त