पुलिस की पूछताछ में पता चला कि प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र के शुक्ला मार्केट सलोरी निवासी सूर्य प्रकाश पांडेय की पहली पोस्टिंग बड़ागांव थाने में हुई थी। यही पर विकास मिश्रा और अजय गुप्ता से उसकी मुलाकात हुई थी। विकास पहले चौक के सुड़िया सराफा मंडी में काम करता था। उसे पता था कि मंडी में हवाला का कारोबार होता है। इसकी जानकारी उसने सूर्य प्रकाश पांडेय, अजय गुप्ता समेत अन्य साथियों को दी थी।
सूर्य प्रकाश पांडेय के नदेसर चौकी प्रभारी बनने के बाद विकास मिश्रा, अजय गुप्ता ने रकम लूटने की योजना बनाई। विकास का सराफा मंडी के बड़े फर्म के कर्मचारियों के साथ उठना बैठना शुरू हो गया। पता लगाया कि हवाला की रकम किस फर्म से सबसे अधिक निकलती है। 22 जून को उसे पता चला कि सराफा व्यवसायी जयपाल के दो कर्मचारी अविनाश और धनंजय 93 लाख नकद लेकर भुल्लनपुर से बस से कोलकाता जा रहे हैं।
सूचना पर विकास मिश्रा ने अजय को पिस्टल देकर बस में बिठाया। रात 11 बजे रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगरा मोड़ के पास पहुंचते विकास ने बस रुकवाई। वर्दी में सूर्यप्रकाश पांडेय, विकास मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति बस में सवार हुए और खुद को सैयदराजा थाने की क्राइम ब्रांच का अफसर बताते हुए अविनाश व धनंजय को बस से नीचे उतार लिया।
बैग से रकम बरामद होने पर दोनों को चेकिंग और गिरफ्तारी की धमकी देकर विना नंबर की चार पहिया कार में बिठाया। एक बैग से 42.50 लाख रुपये लेकर 50 लाख 50 हजार छोड़ दिए। इसके बाद दोनों को गुमराह करने के लिए अविनाश को रामनगर के पास चंदरखा और धनंजय को कटरिया बॉर्डर पर छोड़ा।
कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपी दरोगा सूर्यप्रकाश पांडेय को कोर्ट में पेश किया। पेशी के बाद कोर्ट रूम से बाहर निकलने पर मुस्कुराते अधिवक्ताओं से मुलाकात की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसकी चर्चाएं कचहरी और कमिश्नरेट पुलिस में खूब रहीं।