उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम वाराणसी परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे धार्मिक स्थलों औ राज्यों के मुख्यालय को जोड़ने पर जोर है, ताकि लोग धार्मिक, पर्यटन स्थलों पर जाकर लुत्फ उठा सके।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा और यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने उत्तर प्रदेश के बाहर भी बस संचालन की रूपरेखा बनाई है। वाराणसी परिक्षेत्र से हरिद्वार, अजमेर, मैहर और उज्जैन तक बस संचालन का खाका खींचा जा रहा है। निजी ट्रैवल्स कंपनियों का भी सहारा लिया जा सकता है।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम वाराणसी परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे धार्मिक स्थलों औ राज्यों के मुख्यालय को जोड़ने पर जोर है, ताकि लोग धार्मिक, पर्यटन स्थलों पर जाकर लुत्फ उठा सके। अगले माह तक परमिट समेत अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इससे दूसरे राज्यों में बस संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।
किराया होगा बेहद कम
रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि अन्य बसों के मुकाबले रोडवेज से धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों से कम किराया लिया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक यात्री परिवहन निगम की ओर आकर्षित होंगे। कई निजी ट्रैवल्स कंपनियां है, जो धार्मिक यात्रा कराने का प्रति यात्री हजारों रुपये का पैकेज रखती हैं। रोडवेज में ऐसा नहीं होगा।
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काशी से पशुपतिनाथ तक चलती है एसी बस
वाराणसी परिक्षेत्र से विंध्याचल, वृंदावन, आगरा, कानपुर, गोरखपुर और नेपाल के पशुपति नाथ तक रोडवेज बसों के जरिये यात्री सफर करते हैं। नेपाल सरकार की ओर से 42 सीटर की एक एसी बस कैंट रोडवेज स्टेशन से खुलती है।
काशी को धार्मिक शहरों से जोड़कर बस संचालन की रूपरेखा बनाई जा रही है। उत्तराखंड, राजस्थान, एमपी तक बस संचालन की तैयारी चल रही है। परमिट को लेकर मुख्यालय स्तर से प्रक्रिया चल रही है।- गौरव वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, वाराणसी परिक्षेत्र