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154 मजदूरों को लेकर प्रयागराज गई रोडवेज की 5 बसें

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वाराणसी। छात्रों के बाद अब फंसे हुए मजदूरों को घर पहुंचाया जा रहा है। वाराणसी में मध्यप्रदेश के फंसे 154 मजदूरों को लेकर वाराणसी रोडवेज की 5 बसें बृहस्पतिवार को प्रयागराज रवाना हुईं। इन मजदूरों को प्रयागराज से दूसरी बसों के जरिए मध्यप्रदेश भेजवाया गया। वहीं पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के मध्य प्रदेश में फंसे सैकड़ों मजदूरों को वापस लाने के लिए वाराणसी परिक्षेत्र की 22 बसों को प्रयागराज में रिजर्व रखा गया है। वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय ने बताया कि 154 मजदूरों को लेकर 5 बसें रवाना हुई है, वहीं अन्य मजदूरों को वापस लाने के लिए 22 बसें प्रयागराज में खड़ी कराई गई हैं। एक दो दिन में मजदूरों की वापसी शुरू हो जाएगी।
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राजस्थान कोटा से आई बसों को शहर के अंदर जाने से रोका
रोहनिया। राजस्थान के कोटा से पश्चिम बंगाल के छात्रों को लेकर आई बसों को अखरी बाईपास हाईवे से अंदर नहीं जाने दिया गया। शाम लगभग 5: 00 बजे सात बस के चालक अखरी से भारत सेवा संघ सिगरा जाना चाह रहे थे। उनका कहना था कि वहां छात्रों के लिए खाना नाश्ते का व्यवस्था वहंी पर है। अखरी चौकी प्रभारी नीरज ओझा ने बताया कि कोटा से कुल 32 बसों को आना था। उन्हें भारत सेवा संघ सिगरा पर जाने के बाद वहा खाना खाने के बाद छात्र पश्चिम बंगाल जाना था। पांच-पांच बसों को जाने दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के 30 मजदूरों को बस से रवाना किया
पिंडरा। 31 मार्च से गजोखर स्थित क्वारंटीन सेंटर में रखे गए मध्य प्रदेश के मजदूरों को बृहस्पतिवार को बस द्वारा उनके घर को रवाना किया गया।
एक माह बाद घर जाने की सूचना पर मजदूरों के चेहरे पर चमक सी दिखाई थी। मध्यप्रदेश के सतना निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि मजदूर दिवस पर हम लोगों को घर जाने की जो आजादी मिली वह किसी खुशी से कम नहीं है। 14 दिन के बजाय 28 दिन से अधिक दिन क्वारंटीन में रहने के बाद तहसील प्रशासन द्वारा मध्य प्रदेश के 30 मजदूरों को उनके घर भेजा गया। इसके पूर्व उनको प्रमाण पत्र और उनके हाथ पर मुहर लगाई गई। रास्ते के लिए लंच पैकेट भी दिया गया। तहसीलदार रामनाथ ने बताया कि केवल मध्यप्रदेश के 30 मजदूरों को भेजा गया है। अभी यहां 247 मजदूर विभिन्न प्रांतों के हैं।
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