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सड़क बनाने के नाम पर लगाया गिट्टियों का ढेर, उड़ रही धूल

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वाराणसी। मरम्मत के नाम पर सड़क को खोद कर छोड़ दिया गया है। सड़क किनारे गिट्टियों का ढेर लगा दिया है। लहुराबीर से मैदागिन मार्ग पर सीवर लाइन खुदाई का काम चल रहा है। मैदागिन से गोदौलिया मार्ग पर बिजली का तार डालने के लिए खुदाई करके छोड़ दियाया गया है। लहुराबीर से गिरजाघर मार्ग पर बेनियाबाग के पास सीवर पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की गई थी। जिसे पाटा गया है। लेकिन सड़क नहीं बनाई गई है।
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सड़क बनाने के नाम पर खोदी गई सड़कों से उड़ने वालीधूल से आसपास की जनता परेशान है। इसका उदाहरण चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया में देखा जा सकता है। यह सड़क यूपीएसआईडीसी की है। जिसकी मरम्मत का ठेका पीडब्ल्यूडी को दिया गया है। मानकों के विपरीत ठेकेदार काम कर रहे हैं। जिन पर पीडब्ल्यूडी की कोई लगाम नहीं है। पीडब्ल्यूडी ने शहर की सड़कों की मरम्मत पूरा करने के लिए 20 अक्टूबर तक का समय लिया था। समय बीतने के बाद भी सड़कों की मरम्मत का काम अब तक पूरा नहीं हुआ। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों की मरम्मत हो चुकी है। केवल वही सड़कें बची हैं जहां खुदाई का काम चल रहा है। दूसरी कार्यदायी एजेंसियों ने सड़कों को खोदकर छोड़ दिया है। जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
चांदपुर की सड़क हमारी नहीं यूपीएसआईडीसी की है। ठेकेदार को निर्देश दिया गया है कि पानी का नियमित छिड़काव कराएं। इसके अलावा शहर की सड़कों की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। केवल खुदाई वाली सड़कें मरम्मत नहीं की गई है। जैसे ही कार्यदायी एजेंसियां सड़कें देंगी उनकी भी मरम्मत कराई जाएगी। -एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी
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बनारस की सड़कों की हालत सुधरने वाली नहीं है। यहां की सड़कें साल भर खोदी जाती हैं और मरम्मत होती है। इसका खामियाजा जनता भुगतती है।-दीपक जायसवाल
सड़कों पर इतनी धूल उड़ रही है कि चलना मुश्किल हो जाता है। पानी का छिड़काव तक नहीं करते हैं। दुकानों पर धूल की मोटी परत जमा हो जाती है। -विजय शंकर गुप्ता
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जितनी सड़क बनानी हो उतनी खोदते। इसके बाद उसे पूरी तरह से बनाने के बाद आगे की सड़क खोदते। तो, इतनी परेशानी जनता को न झेलनी पड़ती। -अंकित जायसवाल
दस साल में सड़क बनेगी वह भी कई महीनों में। सड़क का निर्माण कार्य अच्छे ढंग से करते तो आम जनता को दिक्कत न होती। धूल से परेशानी होती है। -संजय पाल
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