वाराणसी। बारिश थमने के बाद सड़कों की जो हालत हुई है उसने शहर की सूरत ही बिगाड़ के रख दी है। शहर में ऐसी कोई सड़क नहीं बची जो उधड़ी ना हो। वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वाले लोग भी परेशान हैं। हालात यह है कि 10 मिनट की दूरी तय करने के लिए 20 मिनट का समय लग रहा है। कहीं सड़कें धंस गई हैं तो कहीं गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। सड़कों पर गड्ढों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में तो स्थिति गंभीर होने के कारण पैदल आवागमन में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदारों को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। भोजूबीर सब्जी मंडी, मीरापुर बसही, नवलपुर, पंचक्रोशी मार्ग, अर्दली बाजार, महावीर मंदिर, सोनारपुरा, हरिश्चंद्र, जवाहर नगर, शंकुलधारा, साकेत नगर, संकट मोचन, भेलूपुर, मंडुवाडीह, महमूरगंज, औरंगाबाद, लहंगपुरा, चेतगंज आदि इलाकों की सड़कें खस्ताहाल हैं। यहां की सड़कें जगह-जगह टूटी, धंसी, उखड़ी हुई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में भी परेशानी होती है। एक-दूसरे से जोड़ने वाली सड़कों पर जगह-जगह पर गड्ढे हो रखे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। पिछले दिनों हुई हल्की सी बारिश के चलते यहां गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों व राहगीरों का गुजरना मुश्किल हो गया था।
महमूरगंज सिगरा मार्ग जगह जगह धंसी
महमूरगंज-सिगरा मार्ग पर जगह जगह सड़क धंस गई हैं। कई जगहों पर गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। पीडब्ल्यूडी ने छह महीने पहले इस सड़क की 10 लाख रुपये से मरम्मत कराई गई थी। एक बारिश भी नहीं झेल पाई। सड़क को बनवाया था। बाद में जल निगम ने खुदाई करके सीवर पाइप लाइन डालकर गड्ढे को भरा था। इसके बाद भी अब तक मरम्मत के नाम पर पैचवर्क नहीं हुआ। गड्ढों को भी भरने में विभाग नाकाम रहा।
मलदहिया से साजन चौराहा मार्ग खराब
मलदहिया से साजन चौराहे जाने वाले मार्ग पर फातमान के पास सड़क धंसी हुई है। मरम्मत के नाम पर लेपन कार्य की खानापूर्ति की जाती है। जगह- जगह हुए गड्ढे दुपहिया वाहन चालकों के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। बारिश के इन्हीं कारणों से हादसे बढ़ जाते हैं। बारिश के पहले इन गड्ढों को भरना पीडब्ल्यूडी विभाग ने मुनासिब नहीं समझा। जबकि इस सड़क का इस्तेमाल सबसे अधिक होता है। आठ लाख रुपए से इस सड़क की मरम्मत कराई गई थी।
भोजूबीर से सिंधोरा मार्ग पर उखड़ी गिट्टियां
भोजुबीर सिंधोरा मार्ग पर आवागमन वाले राहगीरों को कीचड़, गड्ढे, बोल्डर, जलजमाव से सामना करना पड़ता है। बाइक, साइकिल सहित चार पहिया वाहनों से ही क्यों न आवागमन करे, उन्हें हर हाल में फजीहत उठानी ही पड़ती है। सड़कों को दुर्दशा से मुक्ति दिलाने के लिए किसी पक्ष से मजबूत पहल न होने से इनके अस्तित्व पर ही संकट आ गया है। लाखों रुपए से प्रवासी भारतीय दिवस के दौरान इस सड़क को चमकाया गया था।
सोनारपुरा से हरिश्चंद्र घाट मार्ग खस्ताहाल
सोनारपुरा से हरिश्चंद्र घाट जाने वाले मार्ग काफी खराब है। कई जगहों पर गिट्टी उखड़ी है। कई जगहों पर धंसी हुई हैं। जिला स्तरीय बैठक में खराब सड़कों की मरम्मत के निर्देश पीडब्ल्यूडी के अफसरों को दिए गए थे। बावजूद इसके सड़कों की मरम्मत नहीं हुई। बारिश में सड़क और भी ज्यादा खराब हो गई। इस मार्ग पर शवदाह करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। चार लाख रुपए की लागत से इसकी मरम्मत कराई गई थी।
××कोट्स××
पीडब्ल्यूडी की ओर से सभी सड़कों का सर्वे कराया गया है। खराब सड़कों के पैचवर्क के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही इन सड़कों की पैचिंग कराई जाएगी। हमारी ज्यादातर वह सड़कें खराब हैं जहां कार्यदायी एजेंसियों ने खुदाई करके मिट्टी की भराई नहीं की है। एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
नगर निगम की सभी खराब सड़कों का सर्वे करा लिया गया है। इन सड़कों को फिलहाल चलने लायक बनाया जाएगा। बारिश बंद होने के बाद इनकी बेहतर ढंग से निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए सभी मातहतों को निर्देश दिया गया है। -सूरज पाल सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम
हर साल बारिश में टूटी-फूटी सड़कों से गुजरना पड़ता है। जनता शिकायत करते-करते थक जाती है, लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं होता है। जब तक ठोस कार्ययोजना नहीं बनेगी, तब तक इस समस्या से निजात नहीं मिलेगी। -कौशल सिंह, सिगरा
बारिश के बाद सड़कों की हालत इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ठोकर लगने का भी डर रहता है। विभागों को चाहिए कि बारिश से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त कर लें, ताकि जनता को समस्या न झेलनी पड़े। -गोपाल चौरसिया, लहंगपुरा