फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

River Front in Varanasi: गंगा पार रेती पर 2200 करोड़ से बनेगी हाईटेक फोरलेन, बनेगा पर्यटन का नया केंद्र

Sun, 04 Sep 2022 04:59 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में गंगा पार रेती पर रिवर फ्रंट योजना के लिए जिला प्रशासन ने एनओसी जारी कर दी है। सात किमी लंबी फोरलेन वाली सड़क पर खर्च के लिए 2200 करोड़ रुपये बजट निर्धारित है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी में गंगा पार रेती को गुलजार करने की कवायद में प्रस्तावित रिवर फ्रंट योजना दिसंबर तक साकार हो जाएगी। रामनगर से पड़ाव के बीच करीब सात किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के लिए प्रशासन की अनापत्ति जारी कर दी गई। केंद्र के तीन मंत्रालयों की एनओसी की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है। वहीं फोरलेन के लिए चिह्नित जमीनों को भी प्रशासन अधिग्रहण करने की तैयारी में है। सड़क पर 2200 करोड़ रुपये खर्च करने का बजट तय किया गया है। अब परियोजना का टेंडर निकाले जाने की तैयारी है। 

विज्ञापन


वहीं स्थानीय स्तर पर प्रशासन सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसमें नगर निगम, विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित अन्य स्थानीय विभागों से अनापत्ति प्राप्त कर ली गई है। केंद्र के नमामि गंगे, पर्यावरण मंत्रालय और वन मंत्रालय से मांगी गई अनापत्ति अब अंतिम दौर में है।

गंगा का जलस्तर कम होने का इंतजार
मंत्रालयों से मांगे गए सवालों पर जवाब भेज दिए गए हैं और वहां से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि रिवर फ्रंट योजना में स्थानीय विभागों की एनओसी मिल गई है। मंत्रालयों ने भी इस परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेजेंगे और इसके बाद निविदा प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। दिसंबर तक निविदा जारी कर दी जाएगी। 

विज्ञापन

साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर होगा निर्माण

कमिश्नर दीपक अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर बनने वाले इस परियोजना की सभी कागजी कार्रवाई सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी। रामनगर से राजघाट तक गंगा के समानांतर लगभग सात किमी लंबी फोरलेन सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए 26 सौ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

इस सड़क का गंगा पार रेती से सीधा जुड़ाव होने के कारण चंदौली, मिर्जापुर, बिहार और मध्यप्रदेश सहित अन्य नगरों के यात्रियों व श्रद्धालु बिना नगर में प्रवेश किए सीधे गंगा घाटों पर पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही यहां लगभग 10 हजार वाहनों की पार्किंग, पार्क, सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्य भी कराए जाएंगे।
विज्ञापन

जल परिवहन का बनेगा नया प्लान

रिवर फ्रंट योजना के जरिए प्रशासन जल परिवहन का भी नया प्लान बनाने की तैयारी में है। कारण, सात किलोमीटर लंबी सड़क में तीन जेटी के जरिए शहर को जलमार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जेटी के जरिए नावों का संचालन किया जाएगा। यही कारण है कि यहां पार्किंग की भी व्यवस्था की जा रही है। गंगा में बाढ़ थमने के बाद जेटी का भी सर्वे शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें