गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर बनने वाले इस परियोजना की सभी कागजी कार्रवाई सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी। रामनगर से राजघाट तक गंगा के समानांतर लगभग सात किमी लंबी फोरलेन सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए 26 सौ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
इस सड़क का गंगा पार रेती से सीधा जुड़ाव होने के कारण चंदौली, मिर्जापुर, बिहार और मध्यप्रदेश सहित अन्य नगरों के यात्रियों व श्रद्धालु बिना नगर में प्रवेश किए सीधे गंगा घाटों पर पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही यहां लगभग 10 हजार वाहनों की पार्किंग, पार्क, सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्य भी कराए जाएंगे।
रिवर फ्रंट योजना के जरिए प्रशासन जल परिवहन का भी नया प्लान बनाने की तैयारी में है। कारण, सात किलोमीटर लंबी सड़क में तीन जेटी के जरिए शहर को जलमार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जेटी के जरिए नावों का संचालन किया जाएगा। यही कारण है कि यहां पार्किंग की भी व्यवस्था की जा रही है। गंगा में बाढ़ थमने के बाद जेटी का भी सर्वे शुरू किया जाएगा।