राइट्स ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काशी में लाइट मेट्रो या रोपवे पर संभावनाएं जताई। लेकिन रोपवे की जगह लाइट मेट्रो को ज्यादा बेहतर सुगम साधन मानते हुए राइट्स ने अपना डीपीआर तैयार किया है।
इसकी सूचना कुछ दिनों पहले वाराणसी विकास प्राधिकरण को भेज दी है। राइट्स के अनुसार काशी में लाइट मेट्रो चलाने पर मेट्रो की अपेक्षा आधा खर्च यानी कि सात हजार करोड़ रुपये आने की संभावना है। वहीं दूसरे सर्वे में राइट्स ने मेट्रो की दूरी भी चार किलोमीटर कम करते हुए मात्र 25 किलोमीटर तक कर दी है।
इससे दूसरा कॉरिडोर सारनाथ जाने की वजह काशी स्टेशन पर ही रुक जाएगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण के नगर नियोजक मनोज कुमार ने बताया कि लखनऊ में राइट्स का प्रेजेंटेशन जल्द ही होने वाला है। इस प्रेजेंटेशन में काफी हद तक चीजें क्लियर हो जाएंगी। इसमें एलएमआरसी और वीडीए के अधिकारी शामिल होंगे। शासन स्तर पर होने वाली इस बैठक के सकारात्मक परिणाम आने की पूरी संभावना है।