रिंग रोड के दूसरे फेज में 17 किमी तक कोईराजपुर (हरहुआ) से राजातालाब तक इसके निर्माण पर 450 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले फेज में संदहा से कोईराजपुर तक वाहनों के आवागमन के बाद कोईराजपुर (हरहुआ) से राजातालाब तक दूसरे फेज में वाराणसी-भदोही रेलखंड पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और वरुणा नदी पर पर बनने वाले पक्के पुल के निर्माण की एक लेन पूरी हो चुकी है।
जबकि दूसरी लेन का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। जो लेन पूरी हो चुकी है, उसी एक लेन से अगले सप्ताह से दो पहिया और छोटे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक आरएस यादव ने कहा कि रिंग रोड फेज दो के फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। अगले सप्ताह से दो और छोटे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। भारी वाहनों के संचालन के लिए दो सप्ताह का समय लग सकता है।
अभी तक प्रयागराज से आजमगढ़, गोरखपुर, गाजीपुर, बलिया या इन जिलों से प्रयागराज जाने के लिए भारी वाहनों को मोहनसराय से शहर में होकर जाना पड़ता है। इससे न सिर्फ शहर की सड़कें खराब होती हैं बल्कि जाम, दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं।
वहीं नो एंट्री के चलते चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब रिंग रोड बन जाने से इन जिलों को जाने वाले या आने वाले वाहनों को शहर में आने-जाने से निजात मुक्ति मिलेगी और तेल की बचत के साथ कम समय में रिेंग रोड से गंतव्य को रवाना हो जाएंगे।