रीबू ने दावा किया था , सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर किया नामांकन
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पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कैंट विधानसभा सीट पर कांग्रेस-सपा गठबंधन टूटते-टूटते बचा। नाम वापसी के अंतिम दिन सोमवार को कैंट विधानसभा सीट से रीबू श्रीवास्तव ने अपना पर्चा वापस ले लिया है।
सोमवार सुबह तक कोई भी प्रत्याशी पर्चा वापस लेने को तैयार नहीं था। कांग्रेस-सपा गठबंधन खतरे में थी।
मगर दोपहर बाद रीबू श्रीवास्तव को पार्टी का निर्देश मिला और उन्होंने कचहरी जाकर अपना नामामकन वापस ले लिया। कचहरी के बाहर डबडबाई आंखो और रुंधे गले से रीबू ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टिकट दिया था।
आज उन्होंने फोन कर कहा कि नामांकन वापस ले लो तो ले लिया। हमारी पूरी आस्था समाजवादी पार्टी में थी और रहेगी।
रीबू श्रीवास्तव के साथ सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव, महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल और शहर उत्तरी के प्रत्याशी समद अंसारी भी मौजूद रहे।
बता दें कि इस सीट पर गठबंधन के तहत पहले कांग्रेस उम्मीदवार अनिल श्रीवास्तव ने नामांकन किया। नामांकन के अंतिम दिन सपा नेत्री रीबू श्रीवास्तव ने भी इस सीट से नामांकन कर दिया।
उन्होंने दावा किया की पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें सिंबल दे दिया है। नामाकंन के बाद कांग्रेस में खलबली मच गई थी।