पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पिता-पुत्र
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद टीम गठित करते हुए टेंगरा मोड़ के पास से दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजेश की पत्नी पूर्व रेलकर्मी के घर काम करती थी। उससे पूछताछ शुरू की गई तो मामला खुलता गया। राजेश की पत्नी से पुलिस ने पूछताछ की तो सामने आया कि दो साल पूर्व से ही अक्षयवर नाथ वर्मा से परिचित थे।
कोई भी काम काज होता था तो अक्षयवर नाथ बुलाते थे। पूर्व रेलकर्मी की पत्नी के निधन और बच्चों के दिल्ली जाने के बाद वह घर में अकेले रहते थे, इसकी जानकारी थी। इस पर राजेश की पत्नी अक्सर ही काम करने के लिए उनके घर आती-जाती थी। पति राजेश और पुत्र अन्नू राजभर ने इसी का फायदा उठाया और योजना के तहत दोनों ने वारदात को अंजाम दिया।
आभूषण और घर के महत्वपूर्ण दस्तावेज उठा ले गए थे। दोनों के घर से पुलिस ने दस्तावेज से जुड़ी फाइल बरामद की। इसमें पूर्व रेलकर्मी का सर्विस रिकॉर्ड, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, एलआईसी आदि दस्तावेज रहा। टीम में फारेंसिक, सर्विलांस, फील्ड यूनिट और थाने की पुलिस ने अक्षयवर नाथ शर्मा के करीबियों, थाना क्षेत्र के अपराधियों, लुटेरों से पूछताछ के बाद आरोपियों तक पहुंची।
डीसीपी काशी जोन ने बताया कि पिता-पुत्र के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। टीम में सर्विलांस प्रभारी अंजनी पांडेय, बृजेश मिश्रा, राजकुमार पांडेय, विवेक मणि, शक्तिधर पांडेय, अमित शुक्ला आदि शामिल रहे।