गंगा स्नान के बाद लौकी-भात खाने की रस्म पूरी हुई। इसी के साथ नहाय-खाय कर महिलाओं ने शुक्रवार को सूर्योपासना के डाला षष्ठी व्रत का श्रीगणेश किया। वेदियों की पूजा की गई। शनिवार को खरना के साथ वेदियों पर दीपदान किया जाएगा। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए रविवार की शाम बाजे-गाजे के साथ महिलाओं का सैलाब निकलेगा। घाटों से लेकर घरों तक सूर्योपासना का माहौल छा गया है। व्रती महिलाएं समूहों मे प्रसाद के लिए गेहूं सुखाने और वेदियां बनाने के समय छठ मैया के गीत गाने लगी हैं। सामने घाट, नगवा समेत अन्य इलाके में छठ पूजा के लिए बिहार, झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।
शुक्रवार को कहीं महिलाएं गीतों के बोल पर झूमती, थिरकतीं नजर आईं तो कहीं पूजा की सामग्री को सहेजने की की फिक्र में जुटी रहीं। घाटों के किनारे शाम से ही जयकारे लगने लगे। जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह ने भोजपुरी समाज एवं छठ पूजा समिति के अध्यक्ष शोमनाथ ओझा के द्वारा सफाई नहीं होने पर नाराजगी जताने पर उन्हें जेसीबी मुहैया कराई। विश्व सुंदरी पुल से लेकर सामने घाट तक व्रतियों के परिजन इस दिन भी वेदियां बनाने के साथ ही घाटों की सफाई कराने के लिए पसीना बहाते रहे। छठ पूजा समिति के सचिव अशोक पांडेय ने बताया कि दो हजार मजदूरों को लगा कर घाटों की सफाई कराई जा रही है। घाटों के किनारे व्रतियों की मदद करने के लिऐ दो हजार से अधिक भोजपुरी समाज के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
उधर, रोहनिया क्षेत्र के शिवधाम तालाब दरेखू, मोहनसराय, बाणासुर मंदिर नरउर, अखरी, बच्छांव और जक्खिनी में छठ पूजा की तैयारियां अंतिम करीब पूरी हो चुकी हैं। यहां लोग वेदी बनाकर पूजा के लिए स्थान आरक्षित करते दिखे। चौबेपुर क्षेत्र के छित्तमपुर स्थित मां नेपाली भगवती धाम के पोखरे, अजांव के तालाब और धौरहरा में गोमती नदी के किनारे लोगों ने साफ-सफाई की। वही, गंगा किनारे स्थित गौरा उपरवार घाट, चंद्रावती घाट और कैथी घाट पर प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम न किए जाने से लोगों में नाराजगी है। ऐसे ही आराजीलाइन क्षेत्र के राजा तालाब और जगरदेवपुर समेत कई गांवों में छठ पूजा की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
डीरेका के सूर्य सरोवर को सूर्य षष्ठी व्रत अनुष्ठान के निमित्त भव्य सजावट की गई है। नहाय-खाय के साथ सूर्य षष्ठी व्रत का महिलाओं ने संकल्प लिया। डीरेका छठ पूजा समिति के अध्यक्ष सोमश्वर राम ने बताया कि डीरेका प्रशाशन की मदद से तालाब की सफाई कराई गई है। जगह -जगह बल्लियां लगाकर लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने का इंतजाम किया गया। समिति के कमलेश सिंह ने बताया कि सूर्य सरोवर पर छह नवंवर को व्रती महिलाओं की मदद के लिए कार्यकर्ता लगाए जाएंगे। यहां छठ पूजा समिति के अलावा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से रात भर नि:शुल्क चाय बांटी जाएगी। अमरेश कुमार और चंद्रेश्वर ओझा ने बताया कि व्रती महिलाओं और उनके परिजनों के निमित्त सांस्कृतिक संध्या का आयोजन डीरेका इंटर कॉलेज के खेल मैदान में किया गया है।
छठ पूजा की रौनक और उल्लास पूरे चरम पर है। शहर के अलग अलग इलाकों में छठ पूजा का बाजार भी सज गया है। शुक्रवार को महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। सूप, डाला और फलों की दुकानों पर सुबह से ही लोग खरीदारी के लिए आने लगे जो देर शाम तक जारी रही। सिंघाड़ा, खीरा, अमरूद, केला समेत अन्य फलों की दुकानों पर खूब रौनक रही। मंडियों में गन्ने की भी आवक खूब रही। ऐसे ही अंबिया मंडी, कज्जाकपुरा, विशेश्वरगंज, सुंदरपुर, चौक, पंचक्रोशी मंडी, सिगरा फल मंडी, लंका पूरी तरह छठ के लिए सजी हुई थी। पूजा के लिए सूप, डाला बेचने के लिए कई अस्थाई दुकानें भी लगी थीं।