इस संबंध में एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि छात्र के कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या की वजह अवसाद प्रतीत हो रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने पर ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्र के आत्महत्या की वजह क्या है।
पुलिस की पूछताछ में हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि कुलदीप की शादी बीते साल नवंबर महीने में हुई थी। उसकी फेलोशिप अगले माह बंद होने वाली थी और उसका शोध कार्य भी अंतिम चरण में था।हॉस्टल के ज्यादातर छात्र इस बात को लेकर परेशान दिखे कि आखिरकार मेधावी और मिलनसार किस्म के कुलदीप ने आत्महत्या क्यों की? वहीं, कुछ छात्रों का यह भी कहना था कि कुलदीप की शादी हो चुकी थी और उसकी फेलोशिप बंद होने वाली थी।
ऐसे में कहीं वह भविष्य की चिंता में तो आत्महत्या नहीं किया है। वहीं, लंका थाने की पुलिस का कहना है कि छात्र के परिजनों के आने पर उनसे बातचीत कर आत्महत्या की वजह को समझने का प्रयास किया जाएगा। छात्र के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा।
बीएचयू आईआईटी के एमटेक के एक छात्र ने पिछले साल 25 जून की रात फंदा लगाकर जान दी थी। हाथरस के हसायन थाना क्षेत्र के पिछौती गांव का रहने वाला एमटेक का छात्र भगवान सिंह (28) विश्वेश्वरैया हॉस्टल के कमरा नंबर-228 में रहता था। उस दौरान लंका थाने की पुलिस की पूछताछ में सामने आया था कि प्लेसमेंट नहीं होने की वजह से छात्र अवसाद में था।
खुशहाली गुरु के नाम से विख्यात बीएचयू के मनोचिकित्सा विभाग के प्रो. संजय गुप्ता ने कहा कि मशीनों पर निर्भरता के अनावश्यक तनाव वाले इस दौर में अपनों से संवाद बनाए रखना बहुत जरूरी है। हमें अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और करीबियों से अपनी अच्छी-बुरी बात साझा करते रहना चाहिए। किसी मुकाम पर मनोवांछित परिणाम ना मिले तो कतई घबराना नहीं चाहिए।
आगे और बेहतर करने के लिए सोचना चाहिए। हमें सदैव ध्यान रखना चाहिए कि यह बेशकीमती जीवन आत्मघाती कदम उठाने के लिए नहीं मिला है, बल्कि कुछ अच्छा करने के लिए मिला है। इसलिए तनाव और उसके दबाव से मुक्त रह कर सकारात्मक सोच वाला जीवन जियें। सुख के साथ ही दुख और दर्द को भी अपनों के साथ जरूर साझा करें।