रिसर्च टीम की ओर से 14 से 17 साल के 502 किशोरों से 19 सवाल पूछे गए। 14 साल वाले को छोटे किशोर और 17 साल वाले को बड़े किशोर में बांटा गया था। इनमें मॉर्निंगनेस–इवनिंगनेस यानी कि सुबह या रात किस समय अपना काम करना पसंद करते हैं। इनमें ये भी देखा गया कि किशोर कब तक सो रहे हैं और कब उनका पढ़ने और व्यायाम करने में मन लगता है।
शोध में छोटे किशोर मॉर्निंग टाइप निकले। लेकिन, उम्र जैसे जैसे बढ़ी किशोर देर से सोने लगे। कुछ तो आधी रात के बाद ही सोने वाले मिले। स्कूल का समय निश्चित है, इसलिए सुबह रोज एक ही समय में सोकर उठना होता है। ऐसे में नींद के कुल घंटे कम हो जाते हैं। ज्यादातर किशोर न तो बिल्कुल सुबह उठते हैं और न ही पूरी रात भर जागने वाले। वे मध्यम मार्ग का पालन करने वाले निकले।