इस मामले में ड्रग विभाग ने शनिवार को सगे भाइयों और गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल के खिलाफ राॅबर्ट्सगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सोनभद्र के जिला औषधि निरीक्षक राजेश मौर्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कबीरचौरा वाराणसी (64/1ए, गोला दीनानाथ) के स्वामी सत्यम कुमार ने मां कृपा मेडिकल बरकरा और विजय गुप्ता ने शिविक्षा फार्मा के जरिये फर्जीवाड़ा किया।
इन लोगों ने रांची के पते पर पंजीकृत फर्म शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला प्रसाद जायसवाल (निवासी ए 9/24जे, कायस्थ टोला प्रहलाद घाट, थाना आदमपुर वाराणसी) से कफ सिरप की खरीद की।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा 25 नवंबर को राॅबर्ट्सगंज से सटे बरकरा तालाब के पास फर्मों की जांच से हुआ। पता चला कि दुकानें लंबे समय से बंद हैं। फर्म संचालकों से बात की गई और उन्हें सोनभद्र बुलाया गया लेकिन आने से इन्कार कर दिया। दबाव डाला गया तो दुकानों की चाबी भेज दी। दुकानें खोली गईं तो अंदर न तो दवाइयों का स्टॉक मिला, न लाइसेंस और न रजिस्टर।
मकान मालिक ने बताया कि दुकान संचालक दो साल में 5-6 बार ही आए थे। यहां बैनर तो टंगा था लेकिन दवा का कारोबार नहीं होता था। क्षेत्राधिकारी रणधीर मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच तेजी से जारी है। दोनों फर्मों ने कागज पर कफ सिरप की खरीद दिखाई लेकिन दुकानों तक एक भी शीशी नहीं पहुंची। कोडीन युक्त कफ सिरप का नशे के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
22 से ज्यादा लोग एसटीएफ के रडार पर
प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के अवैध कार्यों में सहयोग करने वाले 22 से ज्यादा लोगों को एसटीएफ ने चिन्हित किया है। वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर के इन युवकों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी।
चौबेपुर, महमूरगंज और लहरतारा का रहने वाला निजी ट्रांसपोर्टर, शराब कारोबारी भी जांच की जद में है। एसटीएफ को अमित और शुभम के व्हाट्सएप चैट से कई अहम साक्ष्य मिले हैं। पता चला कि मामले में गिरफ्तार अमित सिंह टाटा शराब कारोबार से भी जुड़ा है। उसे शराब की कई दुकानें आवंटित की गई हैं। उसके संपर्क में कई युवा थे जिनके नाम से फर्म बनवाई गई थी फिर पांच-पांच लाख रुपये के निवेश कराए गए।
गिरफ्तार भोला को रिमांड पर लेगी कमिश्नरेट की एसआईटी
प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में रविवार को कोलकाता से गिरफ्तार भोला प्रसाद जायसवाल से कमिश्नरेट की एसआईटी पूछताछ करेगी। उसे रिमांड पर लेगी। एसआईटी जल्द ही रिमांड की अर्जी अदालत में देगी। भोला मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल का पिता है।
पुलिस के मुताबिक, झारखंड की फैक्टरी से भोला प्रसाद जायसवाल के नाम से ही 100 करोड़ की प्रतिबंधित कफ सिरप की खरीद की गई थी। कमिश्नरेट की पुलिस ने मामले की जांच के लिए एडीसीपी सरवणन टी की अगुवाई में तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई है।
शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर और शुभम के पिता भोला प्रसाद के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज है। एसआईटी की जांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी शुभम विदेश भाग गया है। उसे वापस लाने के लिए लुक आउट नोटिस जारी कराने की तैयारी है।
सिगरा में बनवाया मकान, दवा मंडी में चार दुकान : आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रह्लाद घाट के कायस्थ टोला निवासी भोला प्रसाद ने हाल ही में सिगरा के बादशाहबाग में मकान बनवाया है। सप्तसागर दवा मंडी में भोला की दुकान है। चार से पांच ब्रांडेड दवा कंपनियों का सुपर स्टाकिस्ट भी है। शुभम का पिता भोला कई साल से दवा कारोबार कर रहा है।
कफ सिरप प्रकरण की जांच को लेकर कमिश्नरेट में एसआईटी गठित है। नामजद भोला प्रसाद को रिमांड पर लेकर एसआईटी पूछताछ करेगी। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त, वाराणसी कमिश्नरेट