प्रोटीन के रेस की हुई पहचान
वैज्ञानिकों ने केंद्रीय प्रकाश संवेदक प्रोटीन रेस की पहचान की है। रेस वह होता है जो कि जीव को हरे और लाल प्रकाश के बीच अंतर समझने में मदद करता है। अध्ययन से पता चलता है कि यह रेस हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे विषैले अणुओं से उत्पन्न ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने के लिए कोशिका की रणनीति भी निर्धारित करता है। वहीं परा ऑक्साइड जलीय आवासों में एक सामान्य प्रदूषक और प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की प्रमुख वजह है।
रेस है प्रकाश का नियामक
शोध दल के प्रमुख डॉ. सिंह ने कहा कि हमने पाया कि रेस सिर्फ प्रकाश का नियामक नहीं है, बल्कि यह उनकी संपूर्ण कोशिकीय रक्षा प्रणाली का मुख्य समन्वयक है। यह मूल तौर पर जीव की आंतरिक रक्षा रणनीति को इस आधार पर बदलता है कि उसे हरा या लाल प्रकाश दिखाई देता है। यह खोज दिखाता है कि रेस प्रोटीन एक जटिल संतुलन क्रिया में मध्यस्थता करता है, जो जीव के तत्काल प्रकाश वातावरण के अनुरूप उसकी सुरक्षा को बदलकर उसके अस्तित्व को सुनिश्चित करता है।