वाराणसी। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की वाराणसी इकाई - एक की ओर से विभागीय अनियमितताओं के मामले में 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें से दो बर्खास्त, एक निलंबित और एक सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
राजकीय निर्माण निगम के लेखाकार राजेश कुमार ने मंगलवार को कैंट थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर निलंबित अपर परियोजना प्रबंधक डीपी सिंह, उप अभियंता हीरालाल राम, लेखाकार एसपी सिंह, उप अभियंता शिवरुचि मिश्रा, उप अभियंता एसपी यादव, बर्खास्त स्थानिक अभियंता जीएस दीक्षित, सेवानिवृत्त अपर परियोजना प्रबंधक वीके श्रीवास्तव, बर्खास्त लेखाकार एसपी चौबे, निलंबित लेखाकार सफाकत हुसैन, उप अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी, अपर परियोजना प्रबंधक राजीव कुमार सिंह और स्थानिक अभियंता आरएन यादव के खिलाफ लोकसेवक द्वारा विश्वास के आपराधिक हनन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। इन अधिकारियों के खिलाफ यह मुकदमा वाराणसी, भदोही, चंदौली, सोनभद्र और बलिया में कराए गए कार्यों के असमायोजित अग्रिम के लिए दर्ज कराया गया है। राजेश कुमार के अनुसार सभी 12 अभियंताओं और अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी हो चुका है और विभागीय जांच चल रही है। असमायोजित अग्रिम वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसलिए मुख्यालय के निर्देश के आधार पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।