देश में ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच राहत भरी खबर यह है कि वाराणसी में जो चार संक्रमित मरीज मिले हैं, उनमें इस नए वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। आईएमएस बीएचयू में वाराणसी के चार और गाजीपुर में मिले चार संक्रमित मरीजों के सैंपल की हुई जीनोम सिक्वेंसिंग में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। डेल्टा वैरिएंट डबल म्यूटेंट वाले हैं।
आईएमएस की प्रो. रोयाना सिंह के मुताबिक ये डेल्टा वैरिएंट दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में फैले हैं। गाजीपुर में पिछले दिनों कोरोना के चार मामले सामने आए थे। इसके बाद वाराणसी में भी चार मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। जिस तरह से ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है, उसको देखते हुए ही बीएचयू के एमआरयू लैब में सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई गई।
एमआरयू लैब की इंचार्ज प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि गाजीपुर में जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी, वह अमेरिका में रहते थे। गाजीपुर आने से पहले वह लोग हैदराबाद गए थे। इसके अलावा अन्य लोग भी पूर्वोत्तर भारत होते हुए यहां आए थे। इसके अलावा फ्रांस से मुंबई होकर आने वाली महिला में भी ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं है।