बीएचयू अस्पताल में भर्ती ब्लैक फंगस के कई मरीजों के परिजन इंजेक्शन एंफोटेरेसिन बी के दुष्प्रभाव से परेशान हैं। सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक (एसएसबी) में भर्ती मरीजों में कुछ कोरोना संक्रमित भी हैं, जबकि कुछ मरीज कोरोना को मात देने के बाद ब्लैक फंगस का इलाज करा रहे हैं। एसएसबी में भर्ती कई मरीजों के परिजनों के मुताबिक इंजेक्शन लगाने के बाद उसके दुष्प्रभाव हो रहे हैं। इसका जिक्र भर्ती संबंधी कागजात पर डॉक्टरों ने किया है। अब इन्हें इंजेक्शन की जगह दवा दी जा रही है।
दूसरे तल पर भर्ती एक मरीज के बेटे चंदौली निवासी राकेश पांडेय ने 26 जून को सीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर अस्पताल को सरकार की ओर से मिलने वाले इंजेक्शन की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया है। बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद मरीजों को सर्दी, खांसी, बुखार होने की शिकायत की है। राकेश ने इसकी जगह दूसरा इंजेक्शन देने की मांग की है। पोर्टल से शिकायत को चंदौली स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया है। बता दें कि अबतक बीएचयू में 219 मरीजों में 62 की मौत हो चुकी है। जबकि 21 के डिस्चार्ज हो चुके हैं। अभी 136 मरीजों का इलाज चल रहा है।
केस-1
एसएसबी में भर्ती 50 वर्षीय एक मरीज का इलाज दूसरे तल पर चल रहा है। डॉक्टरों की सलाह पर इनको इंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन लगने के बाद दुष्प्रभाव दिखने लगा। डॉक्टरों को परिजनों ने जानकारी दी, उनके भर्ती कागजात पर डॉक्टरों ने इंजेक्शन का दुष्प्रभाव होना भी लिखा है। अब परिजन परेशान हैं।
केस-दो
बीएचयू में करीब 18 मई से ही ब्लैक फंगस से परेशान होकर इलाज करा रहे 62 वर्षीय मरीज को भी इंजेक्शन लगने के बाद उसका दुष्प्रभाव दिखने लगा। मरीज के बेटे ने इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की है। इसमें सरकार द्वारा मिल रहे इंजेक्शन की जगह दूसरा इंजेक्शन बीएचयू अस्पताल को भिजवाने की मांग की है।
शासन की ओर से मिलने वाला इंजेक्शन एंफोटेरेसिन बी मरीजों को दिया जा रहा है। कुछ मरीजों में इसके दुष्प्रभाव की जानकारी मिली है, इसका मतलब यह नहीं कि वह इंजेक्शन खराब है। इसकी जगह उन्हें दवा पोसाकोनाजोल दी जा रही है। डॉक्टर मरीजों की सेहत पर नजर बनाए हैं।-प्रो.केके गुप्ता, एमएस, बीएचयू अस्पताल