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वाराणसीः बीएचयू के कुलसचिव और आईआईटी के पूर्व निदेशक को कोर्ट से राहत, नियुक्ति से जुड़ा है मामला

Fri, 03 Sep 2021 12:13 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू के कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी की पत्नी ऊषा त्रिपाठी की मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में रिसर्च ऑफिसर के पद पर पर नियुक्ति हुई है। हरिकेश बहादुर सिंह ने अदालत में परिवाद दाखिल कर ऊषा त्रिपाठी की बीएचयू में नियुक्ति को गलत बताया था। 
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलसचिव और आईआईटी के पूर्व निदेशक को नियुक्ति से जुडे़ एक मामले में अपर जिला एवं विशेष न्यायाधीश की कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने एसीजेएम प्रथम के तलबी आदेश को निरस्त करते हुए सुनवाई की अगली तिथि एक अक्तूबर नियत की है।

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बीएचयू के कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी की पत्नी ऊषा त्रिपाठी की मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में रिसर्च ऑफिसर के पद पर पर नियुक्ति हुई है। अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और अंशुमान त्रिपाठी ने कोर्ट में पक्ष रखा। अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने बताया कि 29 जनवरी 2019 को आजमगढ़ के खुंभादेवी रामपुर कठरवां निवासी हरिकेश बहादुर सिंह ने अदालत में परिवाद दाखिल कर ऊषा त्रिपाठी की बीएचयू में नियुक्ति को गलत बताया था।

इसमें विश्वविद्यालय के चयन और आकलन प्रकोष्ठ के तत्कालीन उपकुलसचिव नीरज त्रिपाठी और आईआईटी के पूर्व निदेशक एसएन उपाध्याय पर नियमों की अनदेखी का आरोप भी लगाया था। इस मामले में एसीजेएम प्रथम की अदालत ने दोनों को तलब किया था। पत्रावलियों का अवलोकन और दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही अपर जिला एवं विशेष न्यायाधीश की अदालत ने तलबी आदेश को निरस्त कर दिया। 

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बीएचयू: कौशल विकास के लिए आज से प्रशिक्षण

बीएचयू में स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र और 2020 में स्नातक पास आउट विद्यार्थियों में कौशल विकास के लिए तीन सितंबर से एम्प्लॉयबिलिटी स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। 100 घंटे तक चलने वाले कार्यक्रम में सभी वर्ग के छात्रों को रोजगारपरक कौशल विकसित करने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट समन्वय प्रकोष्ठ की ओर से शुरू कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को बदलते तकनीकी परिवेश में रोजगार की चुनौतियों से निपटने और कार्पोरेट, इंड्रस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार करना है। ट्रेनिंग प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. उमेश सिंह ने बताया कि टीसीएस द्वारा तैयार किए गए स्टैंडर्ड मॉड्यूल के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
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