श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना के तहत ललिता घाट स्थित नेपाल नरेश की निशानी (नेपाली मंदिर) पर संकट की सूचना से नेपाली समुदाय में हड़कंप मचा हुआ है। मंदिर के ध्वस्तीकरण की सूचना नेपाल के पीएमओ तक भी पहुंच चुकी है।
भारतीय प्रधानमंत्री के नेपाल दौरे के दौरान मामला उठाए जाने की भी चर्चा है। काशी से काठमांडू तक नेपाली समुदाय के लोग अपनी इस धरोहर की रक्षा के लिए एकजुट होने लगे हैं और इस मामले में नेपाल में जनमत संग्रह भी शुरू हो चुका है।
आशंका है कि इसके विरोध में नेपाल की जनता भी सड़क पर उतरेगी। साउथ एशिया फाउंडेशन के जनरल सेक्रेटरी राहुल बरुआ ने बताया कि अभियान चलाकर इस धरोहर को बचाने का प्रयास किया जाएगा।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय में पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इसके अलावा इंग्लैंड के नेपाली समुदाय के लोगों ने भी इस मामले में मदद के लिए अपना संदेश भेजा है।
श्री साम्राज्येश्वर पशुपति नाथ महादेव मंदिर तथा धर्मशाला संचालक समिति के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. गोपाल प्रसाद अधिकारी, बीएचयू के चिकित्सक डॉ. विजय नाथ मिश्र ने कहा कि अभियान चलाकर इस धरोहर को बचाने का प्रयास किया जाएगा।