वाराणसी के संभागीय परिवहन विभाग में तैनात एआरटीओ ने पिछले दिनों एक ट्रक का ओवरलोडिंग में चालान किया और उस पर जुर्माना लगा दिया। गाड़ी का वजन कराने पर 14 क्विंटल आया, मगर उसका चालान 23 क्विंटल वजन दिखाकर किया गया। इसके बाद ट्रक मालिक ने उपायुक्त परिवहन एके सिंह को इस पूरे मामले की शिकायत की तो एआरटीओ ने चालान संशोधन करते हुए इसका वजन कम कर दिया।
ओवरलोडिंग के खिलाफ शासन के सख्त रुख पर परिवहन विभाग के अधिकारी अपने निजी लाभ के रास्ते भी तलाश रहे हैं। वाराणसी परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने ऐसा ही कारनामा किया है और अब मामले का खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। एआरटीओ के खिलाफ शासन में शिकायत की गई है और अब उनकी पुरानी कार्रवाई को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया गया है।
विज्ञापन
वाराणसी के संभागीय परिवहन विभाग में तैनात एआरटीओ ने पिछले दिनों एक ट्रक का ओवरलोडिंग में चालान किया और उस पर जुर्माना लगा दिया। गाड़ी का वजन कराने पर 14 क्विंटल आया, मगर उसका चालान 23 क्विंटल वजन दिखाकर किया गया। इसके बाद ट्रक मालिक ने उपायुक्त परिवहन एके सिंह को इस पूरे मामले की शिकायत की तो एआरटीओ ने चालान संशोधन करते हुए इसका वजन कम कर दिया। उन्होंने बकायदा एआरटीओ प्रवर्तन को पत्र लिखकर इस ट्रक का वजन 23 टन की जगह 17 टन करते हुए चालान को उसी अनुसार करने का अनुरोध किया। इससे पहले 77 हजार रुपये की जगह वह 55 हजार रुपये का चालान बना। करीब 22 हजार रुपये के राजस्व क्षति पर विभाग ने भी संज्ञान लिया है। इससे पहले भी ज्यादा वजन मेें चालान करने के बाद चालान को कम करने केे मामले सामने आ चुके हैं। इस पूरे मामले की शिकायत के बाद संबंधित एआरटीओ के खिलाफ गोपनीय जांच कराई जा रही है। उधर, एआरटीओ प्रवर्तन उदयवीर सिंह ने इस गंभीर चूक पर सफाई दी और कहा कि इसे मानवीय भूल ही कहा जाएगा। कई बार ऐसी गड़बड़ी हो जाती है और यही कारण है कि समय रहते इसमें सुधार कर लिया गया है।
यह बहुत गंभीर मामला है और इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। एआरटीओ श्यामलाल के खिलाफ साक्ष्यों के साथ शिकायत आई है और प्रथम दृष्टया इसमें गड़बड़ी है। उनके कार्यकाल के दौरान की गई कार्रवाई की जांच कराई जाएगी और इसके बाद शासन को अवगत कराया जाएगा। - एके सिंह, उपायुक्त, परिवहन