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बारिश और पुरवा ने बिगाड़ा हाल

Mon, 15 Dec 2014 02:07 AM IST
वाराण्ासी , अमर उजाला ब्यूरो
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बारिश के साथ पुरवा हवा चलने से रविवार को सर्दी ने कंपकंपी छुड़ाई। बादलों के छाए रहने के साथ कोहरे और गलन का सामना अभी लोगों को करना पड़ेगा। गंगा बेसिन से कोल्ड फ्रंट के गुजरने के बाद जम्मू में पश्चिमी विक्षोभ की दूसरी ब्रांच सक्रिय हो गई है।
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तीन दिन तक और आसमान में बादल छाए रहेंगे। बारिश के चलते कीचड़ से सराबोर हुई शहर की सड़कों पर रविवार को चलना मुश्किल हो गया।  गलन-ठिठुरन से आम जनजीवन तो प्रभावित हुआ ही, राहगीरों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ी।

पूर्वांचल में शनिवार को पहुंचा पश्चिमी विक्षोभ गंगा के मैदानी क्षेत्रों से होकर बिहार की ओर जा रहा है लेकिन इसकी दूसरी ब्रांच भी जम्मू में सक्रिय हो गई है। उसे यहां तक पहुंचने में अभी तीन दिन लगेंगे। तब तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। बाबतपुर मौसम केंद्र ने शाम को अधिकतम तापमान 18 डिग्री रिकार्ड किया।
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न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री था। दिन भर फुहारें पड़ने से शहर की सड़कों पर कीचड़ फैल गया है। पुरवा हवाओं ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएन पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने आैर बादलों के छंटने में अभी तीन दिन लगेंगे। तब तक मौसम में कोहरा और गलन का असर बना रहेगा।

ठंड से एक की मौत, दो अचेत 
मौसम के बदला रुख और ट्रेनों की लेटलतीफी रेल यात्रियों पर भारी पड़ रही है। पिछले दो दिनों में पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है। इसके चलते शनिवार की रात और रविवार की भोर में दो रेल यात्री कैंट रेलवे स्टेशन पर बेहोश हो गए। उधर, शिवपुर में सुबह ठंड की चपेट में आने से मदन पांडेय नामक व्यक्ति की मौत हो गई। वो एक अखबार से जुड़े थे।

भोर में उल्टी आने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हवा के साथ गलन बढ़ने से फुटपाथियों, मजदूरों और बेसहारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राहगीरों को सबसे अधिक परेश्ाानी उठानी पड़ रही है। दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के सरस्वती फाटक निवासी मुन्नू पंडित (60) शनिवार की रात 10 बजे परिवार के साथ हावड़ा जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।

इस दौरान उन्हें ठंड लगने लगी और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गए। उन्हें रोडवेज के पास स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश पुलिस से उपनिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए लखनऊ अलीगंज निवासी देवचंद्र सुबह लगभग 4:30 बजे वरुणा एक्सप्रेस पकड़ने कैंट स्टेशन पहुंचे। गाड़ी देर होने पर वह उसका इंतजार कर रहे थे। इसी बीच लगभग 5:30 बजे उन्हें ठंड लग गई और वह बेहोश हो गए।
 आस-पास बैठे अन्य यात्रियों ने आग जलाकर उन्हें उसके करीब लिटाया तो उन्हें होश आया और उन्होंने अपने घरवालों को सूचना दी।


तीन पैसेंजर ट्रेनें निरस्त, इंटरसिटी का रूट हुआ शार्ट
ठंड और कोहरे के चलते पूर्वोत्तर रेलवे ने तीन पैसेंजर ट्रेनों को दो महीने के लिए स्थगित करने के साथ ही एक इंटरसिटी का रूट भी शार्ट कर दिया गया है।

पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि गाड़ी संख्या 55127-128 मंडुवाडीह-इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन को 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक स्थगित किया गया गया है। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 55159-160 औड़िहार-जौनपुर पैसेंजर और गाड़ी संख्या 55120-119 बनारस सिटी से गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन को भी 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक स्थगित कर दिया गया है।

इसके साथ ही छपरा-मंडुवाडीह इंटरसिटी का रूट शार्ट कर बलिया तक कर दिया गया है। यह ट्रेन 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक छपरा के बजाय बलिया तक ही चलेगी। वहीं कोहरे की वजह से सियालदह एक्सप्रेस 11 घंटे, फरक्का एक्सप्रेस अप 6 घंटे, फरक्का एक्सप्रेस डाउन 5 घंटे, अमृतसर हावड़ा 6 घंटे देरी से चलीं। 

 काठमांडू जाने वाले दो विमानों को किया गया  डायवर्ट
दिल्ली से काठमांडू के लिए उड़ा एयर इंडिया का विमान रविवार को खराब मौसम के कारण उसे वाराणसी एयरपोर्ट पर उतारा गया। 3 बजे उतरे विमान ने एक घंटे बाद पुन: काठमांडू के लिए उड़ान भरी। इसी प्रकार वाराणसी एयरपोर्ट से काठमांडू के लिए उड़ा एयर इंडिया का एक विमान खराब मौसम के चलते आधे रास्ते से ही वापस वाराणसी लौट आया। बाद में मौसम ठीक होने पर वह दोबारा काठमांडू के लिए उड़ा।

इसमें कुल 70 यात्री सवार थे। उधर, एयरपोर्ट पर रविवार को एक बाबा के शिष्यों ने जमकर हंगामा किया। वाराणसी से मुंबई जाने के लिए इंडिगो विमान संख्या 579 में बाबा रामदेव स्वामी को मुंबई जाना था। वह बोर्डिंग के समय से पांच मिनट देरी से एयरपोर्ट पहुंचे। जब उन्हें प्रवेश नहीं मिला तो उनके शिष्यों ने खूब शोर मचाया। इंडिगो कंपनी के अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर भी वह शांत नहीं हो रहे थे। अंत में दूसरे दिन 15 दिसंबर को मुंबई जाने की सुविधा प्रदान करने के आश्वासन पर बाबा माने।
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