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संत रविदास की जयंती : 500 NRI, 2000 संतों संग आज काशी आएंगे निरंजन दास; कैंट रेलवे स्टेशन पर होगा स्वागत

Mon, 10 Feb 2025 10:18 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

संत रविदास की जयंती में शामिल होने के लिए संत निरंजन दास सोमवार को काशी पहुंचेंगे। रविवार को बेगमपुरा एक्सप्रेस में श्रद्धालु दोपहर 3 बजे गुरु रविदास जी के दर्शनों के लिए संत निरंजन दास जी के नेतृत्व में रवाना हुए।
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बेगमपुरा एक्सप्रेस से श्रद्धालुओं का जत्था जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से काशी के लिए रवाना हुआ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ravidas Jayanti 2025 : संत निरंजन दास के साथ 500 से ज्यादा एनआरआई सहित 2000 साधु-संत और अनुयायी आएंगे। इसको लेकर वहां तैयारी भी तेज हो गई। वह संगत के साथ मंदिर में पूजन अर्चन करेंगे। संत रविदास जयंती 12 फरवरी को है।

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संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धनपुर सज-धज कर तैयार हो चुका है। संत निरंजन दास सोमवार को दोपहर में यहां पहुंचे। उनका कैंट स्टेशन पर पुष्पवर्षा कर और गाजेबाजे के साथ स्वागत होगा। वह रविदास मंदिर पहुंचकर संत रविदास का पूजन-अर्चन करेंगे।  संत निरंजन दास का देश-विदेश से आए अनुयायी चरण वंदन करेंगे। 

वह ट्रस्ट के पदाधिकारियों व ट्रस्टियों के साथ बैठक कर सभा पंडाल से लेकर ठहरने तक के पंडालों, लंगर आदि की तैयारी का जायजा लेंगे। निरीक्षण भी करेंगे। शाम को अनुयायियों के साथ रविदास पार्क में दीपदान भी करेंगे। इसके साथ ही सत्संग करेंगे। वहीं, विभिन्न प्रांतों से अनुयायियों के आने और मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भीड़ हो रही है। 

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काशी के घाटों पर साधुओं का आशीर्वाद लेने पहुंचे विदेशी। - फोटो : अमर उजाला
विदेशों से अभी और पहुंचेंगे अनुयायी
संत रविदास मंदिर के पास संत के सपनों का गांव सज गया है। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि अभी एनआरआई अनुयायी और पहुंचेंगे। उनके ठहरने की व्यवस्था कर ली गई है। बताया कि अमेरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, कनाडा, फ्रांस, थाईलैंड से भी अनुयायी पहुंचे हैं। इन्हीं देशों से और अनुयायी सोमवार को पहुंच जाएंगे। 12 फरवरी को लाखों की तादात में अनुयायी मत्था टेकेंगे।

पांच अखाड़ों के 2000 से ज्यादा साधु काशी पहुंचे 
पलट प्रवाह में अब महाकुंभ से अखाड़े भी काशी पहुंचने लगे हैं। पिछले दो दिनों में पंच दश्नाम आह्नान अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा, अटल अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा और जूना अखाड़ा के 2000 से अधिक नागा साधु और संन्यासी काशी पहुंचे। सभी का स्वागत किया गया। घाटों पर सभी ने    तंबू  लगा लिए हैं। अगले एक सप्ताह में यह संख्या दस हजार के पार पहुंच जाएंगे। 

काशी के घाटों पर देखे जा रहे साधु और विदेशी पर्यटक। - फोटो : अमर उजाला
अस्थायी पुलिस चौकी खुली, बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहेगा
संत रविदास की जयंती के मद्देनजर सीरगोवर्धनपुर स्थित मेला क्षेत्र में रविवार को अस्थायी पुलिस चौकी खोल दी गई। साथ ही एक इंस्पेक्टर, दो पुरुष व दो महिला दरोगा, आठ सिपाही तैनात कर दिए गए। संपूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 200 से ज्यादा सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं। बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहेगा। 

डॉग स्क्वॉड की टीम रहेगी। संत रविदास की जयंती 12 फरवरी को है। इसके मद्देनजर मेला क्षेत्र में छह इंस्पेक्टर, 115 पुरुष दरोगा, 35 महिला दरोगा, 225 पुरुष सिपाही, 45 महिला सिपाही और दो कंपनी पीएसी के जवान तैनात किए जाएंगे। आग से सुरक्षा के उपाय के लिए दो फायर टेंडर लगाए जाएंगे। 

लंका थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्र ने बताया कि सुरक्षा चाक-चौबंद रहेगी। पुलिस प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और बिजली निगम को पहले ही पत्र भेजा था। कहा था कि जुलूस और शोभायात्रा रूट की सड़कें दुरुस्त रहें। रूट पर कहीं सीवर का पानी न बहे और कहीं बिजली के तार न लटके मिलें। संत रविदास मंदिर प्रबंधन से कहा गया था कि अपने वॉलंटियर्स से पुलिस का सहयोग कराएं। साथ ही मेला क्षेत्र की निगरानी की उचित व्यवस्था बनाएं। 
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खालिस्तान समर्थकों को लेकर इंटेलिजेंस एजेंसियां अलर्ट
रविदास जयंती पर कनाडा के साथ ही इंग्लैंड और अमेरिका से भी अनुयायी सीरगोवर्धनपुर आते हैं। ऐसे में खालिस्तान समर्थकों को लेकर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट, आईबी और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। इस संबंध में निगरानी के लिए इलेक्ट्राॅनिक सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। 

पुलिस अफसरों का कहना है कि पूरे मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाई गई है। आतंकवादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स व खालिस्तान कमांडो फोर्स, प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस से संबंधित लोगों और उनकी वकालत करने वालों पर विशेष रूप से नजर रहेगी। संपूर्ण मेला क्षेत्र में ऐसी कोई भी गतिविधि या चर्चा नहीं होने दी जाएगी, जो देश विरोधी हो। 
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