बनारस पहुंचे संत निरंजन दास
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विशेष सुरक्षा के बीच संत निरंजन दास का काफिला सीरगोवर्धनपुर पहुंचा। गुरु की प्रतीक्षा में अनुयायी कतारबद्ध होकर सीर गेट से गेस्ट हाउस तक खड़े थे। संत निरंजन दास ने हाथ उठाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। गुरु के वाहन को स्पर्श करके ही श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों की आशीष लिया। सीरगोवर्धनपुर पहुंचने के बाद संत निरंजन दास ने संत रविदास का दर्शन पूजन किया। इसके बाद वह विश्राम के लिए चले गए।
रविदास जयंती में शामिल होने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सिंह, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के आने की संभावना है। सीरगोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 350 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। संत रविदास मंदिर के इर्दगिर्द के क्षेत्र में निगरानी के लिए 30 सीसी कैमरे लगाए गए हैं और उनके लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाया गया है।
संत रविदास जयंती के मद्देनजर शनिवार से 6 फरवरी तक रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी ने आमजन से अपील की है कि रूट डायवर्जन का पालन कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें। शव वाहन और एंबुलेंस रूट डायवर्जन के प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी।
सीरगोवर्धनपुर में भीड़
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संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धनपुर का पूरा इलाका संत के सपनों के गांव बेगमपुरा में तब्दील हो गया है। संत निरंजन दास के पहुंचने के साथ ही मेला क्षेत्र भी गुलजार हो गया। मंदिर से लेकर गेस्ट हाउस तक रंग-बिरंगी रोशनी, अमृतवाणी और कीर्तन का पाठ गूंज रहा था। संत शिरोमणि रविदास की जयंती पांच फरवरी को माघी पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी। शुक्रवार को सीरगोवर्धनपुर का इलाका संगतों से गुलजार हो गया।
जयंती में शामिल होने के लिए हरियाणा, पंजाब, जालंधर के साथ ही देश के कई राज्यों से संगत पहुंची है। विदेश से भी एनआरआई भक्त पहुंचे हैं। सेवा के लिए साढ़े सात हजार से अधिक सेवादारों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई गई है। जयंती के दिन होने वाले मुख्य सत्संग के लिए पंडाल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 80 मजदूरों की टीम इसे आकार दे रही है। मालवा लंगर कमेटी की तरफ से संत रविदास विद्यालय में लंगर शुरू कर दिया गया।