संत रविदास की जयंती पर वाराणसी के सीर में रैदासिया समुदाय का रेला उमड़ेगा। पंजाब, हरियाणा ही नहीं देश-विदेश से रैदासिया समुदाय के लोग गुरु चरणों की रज पाने के लिए वाराणसी आते हैं। 10 से 16 फरवरी तक चलने वाले आयोजन ने पंजाब के सीएम की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब में 14 फरवरी को होने वाले विधानसभ चुनाव को टालने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने पत्र में अनुरोध किया है कि 16 फरवरी को गुरु रविदास जयंती है। जयंती पर काशी में वृहद आयोजन होते हैं जो 10 से 16 फरवरी तक चलते हैं और इसमें पंजाब से रैदासिया समुदाय के 20 लाख लोग शामिल होने के लिए बनारस जाते हैं।
इसके कारण हजारों लोग वोट देने के लिए पंजाब में मौजूद नहीं होंगे। इस लिहाज से 14 फरवरी को होने वाले चुनाव को सप्ताह भर के लिए टाल दिया जाए ताकि रैदासिया समुदाय के लोग सीर गोवर्धन से गुरु वंदना कर वापस पंजाब आकर मतदान कर सकें। चीफ इलेक्शन कमिश्नर को लिखे पत्र में उन्होंने दयालुता पूर्वक इस पर विचार करने को कहा है।
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संत रविदास की जयंती के आयोजकों को सता रहा कोरोना का डर
संत रविदास जयंती की तैयारियां सीर में शुरू हो चुकी हैं। मेला आयोजकों को कोरोना संक्रमण का भी डर सता रहा है। जयंती की तैयारियां के लिए पंजाब और हरियाणा से सेवादारों का जत्था जल्द ही आने वाला है और इसके बाद तैयारियां भी तेज हो जाएंगी। चुनाव और संक्रमण को देखते हुए श्रद्धालुओं की संख्या कम रहेगी।
संत रविदास
- फोटो : अमर उजाला
संत गुरु रविदास की जयंती 16 फरवरी को मनाई जाएगी। संत रविदास जन्मस्थली के ट्रस्टी केएल सरोआ ने बताया कि पंजाब चुनाव और कोरोना संक्रमण के कारण श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रहेगी, उसी के अनुरूप पंडालों में व्यवस्था की जा रही है। तैयारियों के लिए जल्द ही पंजाब और हरियाणा से सेवादारों का जत्था आने वाला है।
कोरोना के कारण ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित