संत रविदास की जयंती पर मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ ही भक्त रविदास शक्ति अमर रहे के जयकारे लगा रहे थे। देर रात तक संत रविदास के मंदिर में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। रविदास मंदिर से लेकर लौटूबीर तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में संत रविदास के सपनों का नगर मानो एक कठौती में समाया हो।
खिलौने, परिधानों, चाट-पकौड़ों, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर जहां पंजाबी, राजस्थानी, मराठी महिलाओं, युवतियों, बच्चों और पुरुषों की भीड़ लगी रही तो वहीं सड़कों से लेकर छतों तक लोग मेले की रंगत निहारने के लिए खड़े रहे। सांझ ढलते ही रविदास मंदिर रोशनी से जगमग हो उठा इससे सीर की हर गलियां आकर्षक नजर आ रही थीं।
वाराणसी में सीरगोवर्धनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंडाल के बाहर भक्तों की उमड़ी भीड़ ।
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संत रविदास जन्मस्थली सीरगोवर्धन में जयंती के दिन धर्म प्रमुख संत निरंजन दास ने प्रतिनिधि के रुप में संत मनदीप दास को भेजकर सुबह सात बजे नगवां स्थित रविदास पार्क में संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कराया। इसके बाद मंदिर में रविदासिया धर्म के 120 फीट ऊंचा हरि निशान का ध्वज को भक्तों के साथ भजन कीर्तन करते हुए फहराया गया।