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क्लासरूम में रखा था राशन, बरामदे में लगी ‘पाठशाला’

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कोरोना संक्रमण की वजह से पांच महीने से बंद चल रहे स्कूल बुधवार को छात्रों से गुलजार दिखे। हालांकि, पहले दिन ही बच्चों को अव्यवस्थाओं का शिकार होना पड़ा। अधिकांश विद्यालयों में बच्चे शिक्षकों से पहले पहुंच गए थे। कुछ जगहों पर कक्षाओं में ताले लटके मिले। यहीं नहीं बिजली नहीं होने की वजह से कई जगहों पर बच्चों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ी।
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जिले में कक्षा एक से पांच तक के 791 प्राथमिक विद्यालयों समेत शहर के निजी स्कूलों व मदरसों में पढ़ाई शुरू हो गई। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत कई जगहों पर पहले बच्चों के हाथों को सैनिटाइज कराया गया। थर्मल स्क्रीनिंग की गई, फिर कक्षाओं में प्रवेश मिला। शहरी और ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों में तो बच्चे शिक्षकों का इंतजार करते रहे। कुछ विद्यालयों के कमरे में राशन सामग्री रखी गई थी। प्राथमिक कन्या विद्यालय पांडेयपुर में बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो उनकी कक्षाओं में ताला लटका था। शिक्षकों ने बताया कि कक्षाओं में राशन रखा गया है। बाद में बच्चों को दूसरी कक्षा में बैठाया गया। यहीं नहीं जिले के मॉडल इंग्लिश प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में शिक्षकों ने उन्हें पुरानी किताबों से ही पढ़ना शुरू किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में रही 80 प्रतिशत उपस्थिति
शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्राें के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति पहले दिन 80 प्रतिशत रही। प्राथमिक विद्यालय सीवो और प्राथमिक विद्यालय सैरागोपालपुर में 82 प्रतिशत बच्चे पहुंचे।
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गुब्बारों से सजाया गया परिसर
स्कूलों को गुब्बारों और रंगोली से सजाया गया था। गेट पर चंदन, रोली और फूल बरसाकर शिक्षकों ने बच्चों का स्वागत किया। तो कही तालियों बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। सामाजिक दूरी के साथ पढ़ाई कराई गई।
बीएसए ने बच्चों को दिया फूल
काशी विद्यापीठ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भिटारी में बीएसए राकेश सिंह ने बच्चों को गुलाब का फूल देकर स्वागत किया। उन्होंने कोविड से बचाव के लिए खुद की स्वच्छता के साथ आसपास की साफ सफाई के लिए प्रेरित किया।
स्कूलों की कटी बिजली
प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन में मंगलवार से बिजली कटी हुई है। बुधवार को जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो बिजली न होने के कारण शिक्षिकाओं ने उन्हें बरामदे में बैठकर पढ़ाया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय पिसनहरिया, धूपचंडी, चेतगंज में भी दो दिन से बिजली कटी हुई है।
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