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Rath Yatra 2022: पखवारे भर बाद खुले जगन्नाथ मंदिर के कपाट, दर्शन को उमड़ी भीड़, कल निकलेगी डोली यात्रा

Wed, 29 Jun 2022 04:38 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अस्वस्थता के कारण 15 दिनों के एकांतवास के बाद प्रभु जगन्नाथ पुन: स्वस्थ हो गए हैं। अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर के कपाट आज सुबह खोल दिए गए। सुबह मंगला आरती के बाद प्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा। 
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पखवारे भर बाद खुले जगन्नाथ मंदिर के कपाट, - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धर्म नगरी काशी में तीन सौ साल से अधिक पुराने जगन्नाथ मंदिर के कपाट एक पखवाड़े बाद बुधवार को खुल गए। इसी के साथ भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र ने श्वेत वस्त्र में भक्तों को दर्शन दिए। भगवान के दर्शन-पूजन को भक्तों की भीड़ उमड़ी। कल यानी 30 जून को भगवान की डोली यात्रा निकाली जाएगी और एक जुलाई से लक्खा मेलों में शुमार रथयात्रा उत्सव शुरू हो जाएगा।

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परंपरा के मुताबिक, जगन्नाथ मंदिर से 30 जून की शाम चार बजे गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली भगवान की डोली यात्रा में हजारों भक्तों संग ट्रस्ट जगन्नाथ जी के पदाधिकारी शामिल होंगे। देर शाम रथयात्रा मेला स्थल पर भगवान के रथ का पूजन अर्चन होगा। एक जुलाई को भगवान रथ पर सवार होकर दर्शन देंगे।

अधिक जलाभिषेक के चलते भगवान पड़े थे बीमार

मालूम हो कि अधिक जलाभिषेक के चलते पखवाड़े भर पहले बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ होने के बाद बुधवार को अस्सी स्थित मंदिर में परवल के जूस का भोग अर्पित करने के बाद स्वस्थ हो गए। इसी के साथ पखवारे भर बाद जहां जगन्नाथ मंदिर के पट खुल गए तो वहीं उत्सव शुरू हो गया। 15 दिन बाद मंदिर का पट खुलने से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

भगवान बलभद्र, सुभद्रा और बाबा जगन्नाथ ने श्वेत वस्त्रों में दर्शन दिया। श्रद्धालुओं में जहां भगवान के स्वस्थ होने की खुशी थी तो वहीं परवल के जूस का प्रसाद लेने की होड़ मची भी मची हुई थी। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव व जय जगन्नाथ के जयघोष किया। 12 बजे बंद हुआ मंदिर दोपहर बाद तीन बजे फिर खुला तो दर्शन-पूजन का क्रम अनवरत जारी है। 

दो साल बाद फिर से गुलजार होगा रथयात्रा मेला
सात वार नौ त्योहार की काशी के त्योहार भी अनोखे हैं। त्योहारों की शृंखला रथयात्रा से आरंभ हो जाती है जो कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली उत्सव के साथ पूरी होगी।  रथयात्रा पर नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ मनफेर के लिए काशी की गलियों में निकलते हैं।
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कोरोना संक्रमण के दो साल बाद रथयात्रा का मेला फिर से सजेगा और भक्तवत्सल भगवान भइया बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अपने भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे।  बनारस में तीन दिन तक की भगवान की यह यात्रा रथयात्रा काशी के लक्खा मेले में शुमार है।  मेले के संयोजक ट्रस्टी आलोक शापुरी ने बताया कि रथयात्रा मेले का आयोजन 218 साल से अनवरत किया जा रहा है, केवल कोरोना संक्रमण काल में दो साल तक भगवान यात्रा पर नहीं निकले। 
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