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वाराणसी में ग्लो शाइन बोर्ड बनाने का काम करता था राशिद, दो भारतीय सिम कार्ड भेजे थे आईएसआई को

Mon, 20 Jan 2020 01:25 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
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राशिद अहमद - फोटो : amar ujala
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भारतीय सेना से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईंएसआई को पहुंचाने के मामले में वारासी एटीएस द्वारा गिरफ्तार युवक राशिद अहमद चंदौली जिले की मुगलसराय कोतवाली के चौराहट गांव अपने नाना जब्बार (70) के यहां अपनी मां शहजादी के साथ रहता था।

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रशीद दो बार पाकिस्तान अपनी मौसी हसीना की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए मां और नाना के साथ जा चुका है। पहली बार वह अगस्त 2017 में पाकिस्तान गया था और उस दौरान वह एक महीने तक वहां रहा था। दूसरी बार दिसंबर 2018 में मौसी की बेटी की शादी में शामिल होने पाकिस्तान गया था और उस दौरान भी दो माह वही रहा था। राशिद ग्लो साइन बोर्ड बनाने का काम वाराणसी के औरंगाबाद निवासी किसी दानिश के लिए करता था। राशिद दानिश के ही कहने पर कानपुर, इलाहाबाद और लखनऊ गया है।
 

दरअसल, रशीद ने नाना जब्बार मूल रूप से वाराणसी के प्रह्लाद घाट क्षेत्र के रहने वाले हैं और बीस वर्ष पूर्व वह चौरहट में आकर बस गए थे। उनके दो बेटे और पांच बेटियां हैं। बेटे शमशीर और आलमगीर यही चौराहट में रहते हैं। वहीं सबसे बड़ी बेटी हसीना पाकिस्तान के करांची में अपने परिवार के साथ रहती है। दूसरे नंबर की बेटी शहजादी पति से तलाक के बाद बेटे रशीद के साथ यहीं रह रही है। तीसरी नंबर की बेटी शबनम और पांचवे नंबर की बेटी शबीना की शादी मारवाड़ के पाली में हुई है। वहीं चौथे नंबर की बेटी शानू पास के गांव में रहती हैं।

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घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। परिवार वालों ने बताया कि कभी-कभी पाकिस्तान से उसकी मौसी का फोन आता था और वहीं उससे बात करता था। सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान के आईएसआई में उससे भारतीय दो सिम मंगवाए थे। बाद में उसपर वाट्सएप्प एक्टिव वहीं सेना से जुड़ी जानकारी भेज रहा था। पाकिस्तान की सेना वाट्सअप से ही अपना एजेंडा चला रही थी।

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