राजातालाब (वाराणसी)। गेहूं के उत्पादन पर मौसम की मार इस साल ज्यादा पड़ी है। गेहूं के दाने पतले होने से पैदावार घटी है। कई गांवों में दो क्विंटल प्रति बीघा और कहीं चार से छह क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन हुआ है। जबकि औसत उत्पादन आठ से दस क्विंटल प्रति बीघा माना जाता है। कृषि विभाग के क्राफ्ट कटिंग में भी औसत का पचास फीसदी उत्पादन मिला है।
कृष्णदत्तपुर के आसपास के गांवों में गेहूं का उत्पादन दो से तीन क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं का उत्पादन इस साल भी अच्छा होता अगर फसल की तैयारी के अंतिम समय में आंधी और बारिश नहीं हुई होती। जिन खेतों में पौधे गिर गए वहां की उपज ज्यादा प्रभावित हुई है। गेहूं के दानों की चमक फीकी पड़ गई है और दाने भी पतले भी हो गए हैं। जिन गांवों में आंधी पानी का असर कम रहा वहां एक बीघे में 4 से 6 कुंतल तक उत्पादन मिल रहा है। भिखारीपुर के शीलू चौधरी बताते हैं कि उनके यहां गेहूं की उपज प्रभावित हुई है। एक बीघे में अधिकतम उत्पादन छह से सात क्विंटल रहा। किसान लल्लन दुबे, कमलापति दुबे, सुशील सिंह, भृगुनाथ का कहना है की इस साल गेहूं का उत्पादन ठीक नहीं मिला है।
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खेवसीपुर और भदरासी में क्राप कटिंग कराई गई थी। खेवसीपुर में 30 क्विंटल और भदरासी में 24 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन मिला है। जबकि किसान अन्य क्षेत्रों में कम उत्पादन और गेहूं पतला होने की जानकारी दे रहे हैं।
-विजय शंकर तिवारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत