राष्ट्रीय राजमार्ग सात वाराणसी से हनुमना फोरलेन के प्रथम फेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया। शुक्रवार को रामनगर टेंगरा मोड़ से डगमगपुर तक 34 किमी फोरलेन निर्माण कार्य की शुरुआत एनएचएआई पूर्वीं क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने नारियल फोड़कर की।
इसके फोरलेन होने के बाद काशी से कन्या कुमारी की दूरी लगभग ढाई घंटे कम हो जाएगी। इससे दक्षिण भारत से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय शिल्प के कारोबार में चार चांद लग सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने पर दो लेन की संकरी और गड्ढायुक्त सड़कों के कारण श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ जाती है। वाराणसी से हनुमना तक 140 कलोमीटर का रास्ता तय करने में पांच घंटे से ज्यादा लगता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को कन्या कुमारी से जोड़ने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 26 मार्च 2018 को बड़ालालपुर के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में एनएचएआई के 3473 करोड़ रुपये के पांच कार्यों का शिलान्यास किया था।
अधिकारियों की मानें तो 2019 तक कार्य पूरा होना है। वाराणसी-हनुमना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच सेवन) में भूमि अधिग्रहण तो कर लिया गया है लेकिन भौतिक कब्जा मिलने में देरी होने से थोड़ी दिक्कत रही।
राष्ट्रीय राजमार्ग सात वाराणसी, चुनार, मिर्जापुर, लालगंज, हनुमना, मऊगंज, रीवा, अमरपाटन, मैहर, जुकेही, कटनी, सिहोरा, जबलपुर, बर्गी, हुल्की होते हुए नागपुर, अदीलाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू, मदुरै, तिरुमंगलम से कन्या कुमारी तक जाएगा। इस मौके पर परियोजना निदेशक आरएस यादव, कार्यदायी संस्था दिलीप बिल्डिकान के महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह, प्रबंधक तकनीकी केसी वर्मा, शशांक सिंह आदि मौजूद रहे।