वरुणा गार्डेन अपार्टमेंट की छत से कूद कर जान देने वाले युवक रणवीर ने इंस्टाग्राम पर 35 युवक-युवतियों का ग्रुप बना रखा था। पुलिस अब पर्सनल ग्रुप बंद कराएगी। पुलिस वर्चुअल फ्रेंड्स का नाम-पता और मोबाइल नंबर पता करने में जुटी है।
वाराणसी के सेंट्रल जेल रोड स्थित 11 मंजिला वरुणा गार्डेन अपार्टमेंट की छत से छलांग लगाकर जान देने वाले 19 वर्षीय रणवीर उपाध्याय ने इंस्टाग्राम पर 35 युवक-युवतियों का ग्रुप बना रखा था। लगभग डेढ़ साल पुराने इस ग्रुप का एडमिन रणवीर ही था।
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शुरुआत में यह ग्रुप बॉडी-बिल्डिंग के शौकीन युवाओं को प्रमोट करने का था, लेकिन बाद में रणवीर जीवन के प्रति नकारात्मक बातें करने लगा था। कमिश्नरेट की पुलिस ने इंस्टाग्राम को ई-मेल भेजा है कि रणवीर के पर्सनल ग्रुप को बंद कर दिया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रणवीर उपाध्याय द्वारा बनाए गए ग्रुप में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य स्थानों के युवा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम के पर्सनल ग्रुप में जीवन के प्रति नकारात्मक नजरिये वाले रणवीर के मैसेज देख कर उसके कुछ वर्चुअल फ्रेंड उसे समझाते भी थे।
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वे कहते थे कि रणवीर जीवन के प्रति अपने नजरिये को सकारात्मक रखो। हालांकि वर्चुअल फ्रेंड्स की बातों का कोई खास असर रणवीर पर नहीं पड़ा और उसने गत नौ फरवरी की अपराह्न तीन बजे इंस्टाग्राम पर लाइव होकर 11 मंजिला अपार्टमेंट की छत से छलांग लगा कर जान दे दी।
रणवीर के वर्चुअल फ्रेंड्स की काउंसिलिंग कराई जाएगी
कमिश्नरेट की पुलिस इंस्टाग्राम की मदद से रणवीर उपाध्याय के पर्सनल ग्रुप के वर्चुअल फ्रेंड्स का नाम-पता और मोबाइल नंबर जुटा रही है। रणवीर के पर्सनल ग्रुप के सभी सदस्यों के अभिभावकों और उनके क्षेत्र की पुलिस से बातचीत कर कमिश्नरेट की पुलिस उनकी काउंसिलिंग कराएगी।
इस संबंध में कमिश्नरेट की पुलिस को लखनऊ स्तर से भी निर्देश प्राप्त हुए हैं कि ऐसा ठोस प्रयास किया जाए कि रणवीर का कोई वर्चुअल फ्रेंड उसके जैसे आत्मघाती कदम न उठाने पाए।
युवक नहीं चाहता कोटा में आईआईटी की तैयारी करना
महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला एक युवक कोटा में आईआईटी की तैयारी करता है। वह और रणवीर इंस्टाग्राम पर दोस्त थे। रणवीर के बाद वह भी गत 10 फरवरी को इंस्टाग्राम पर लाइव होकर आत्महत्या करने जा रहा था।
वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस की पहल पर राजस्थान की पुलिस के सहयोग से युवक को आत्महत्या करने से रोक लिया गया। फिलहाल, उसे उसके मां-बाप के साथ घर भेज दिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह आईआईटी की तैयारी नहीं करना चाहता है। वह बहुत दबाव में है और इसी वजह से जान देना चाहता था।
अपने बच्चे से नियमित बातचीत कर उन्हें समझें
एडीसीपी वरुणा जोन / क्राइम सरवनन टी ने कहा कि किशोर और युवा हो रहे बच्चों पर अभिभावक गंभीरता से ध्यान दें। उनकी गतिविधियों पर सकारात्मक तरीके से नजर रखें। उनसे दोस्त की तरह नियमित बातचीत कर उन्हें समझें। उन्हें अपनी अपेक्षाओं के बोझ के तले न दबाएं।
अपने बच्चे की रुचि और शौक के बारे में जानें। सोशल मीडिया और वर्चुअल फ्रेंड्स के नफा-नुकसान के बारे में बच्चे को बताएं। हर बच्चे के अंदर एक खास खूबी होती है और वह उसके अनुरूप उस क्षेत्र में बहुत अच्छा कर सकता है।