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रानी लक्ष्मीबाई ने अदम्य साहस से बताया महिलाएं किसी से कम नहीं

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संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने कहा कि वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई काशी की बेटी थीं। उन्होंने महिला सशक्तीकरण की दिशा में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने अदम्य साहस से यह संदेश दिया कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। वह चाहें तो देश और समाज को बदल सकती हैं।
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शुक्रवार को वह भदैनी स्थित रानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। रानी लक्ष्मीबाई की 164वीं पुण्यतिथि पर साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश मिश्र एवं प्रसिद्ध कवि बद्री विशाल ने कविताओं के माध्यम से वीरांगना के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किया। शुभारंभ गोपी राधा बालिका विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा अनुभूति मिश्रा ने वीरांगना के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक एवं जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से मांग करते हैं की महारानी के नाम पर वीरांगना एक्सप्रेस चलाई जाए। समाजसेवी सीपी जैन ने कहा कि महारानी के इस जन्मस्थली को पैटर्न स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इसका प्रचार-प्रसार हो कि लोग यहां पर आएं। इस अवसर पर रामयश मिश्र, विश्वनाथ यादव, अशोक पांडेय, राजेश मिश्रा, नीलांबुज तिवारी, ज्ञानेंद्र पांडेय, जयप्रकाश मिश्र, मनोज यादव, हृदय नारायण मिश्रा मौजूद रहे।
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