फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: रंगभरी एकादशी पर पहली बार बाबा विश्वनाथ दरबार में अर्पित होगी राजशाही पगड़ी, तैयारियां जोरों पर

Sat, 25 Feb 2023 10:23 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के सबसे बड़े रंगोत्सव पर बाबा विश्वनाथ जिस शाही पगड़ी को बांध कर गौना कराने निकलेंगे, उसे सजा रहे हैं नंदलाल अरोड़ा। रंगभरी एकादशी तीन मार्च को मनाई जाएगी। 
 
विज्ञापन
शाही पगड़ी को बांध कर गौना कराने निकलेंगे बाबा विश्वनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में पहली बार बाबा को राजशाही पगड़ी अर्पित की जाएगी। तीन पीढ़ियों से बाबा की पगड़ी को सजाने वाले नंदलाल अरोड़ा ने इसे तैयार किया है। रंगभरी एकादशी पर बाबा को यह पगड़ी मंदिर में चढ़ाई जाएगी। रंगभरी एकादशी तीन मार्च को मनाई जाएगी। प्राचीन नगरी को इस अनूठे रंगोत्सव को मनाने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। 

विज्ञापन

 
परिवार के साथ पगड़ी तैयार करने में जुटे नंदलाल अरोड़ा ने बताया कि रंगभरी एकादशी पर पहली बार बाबा विश्वनाथ के दरबार में राजशाही पगड़ी अर्पित की जाएगी। मखमल की टोपी पर जरी, मोती, नगीने और लैस का काम कराया जाएगा। कलंगी और सुरखाब का पर लगाकर पगड़ी तैयार कराई जा रही है।

मंदिर में पहुंचने के बाद यह पगड़ी बाबा को चढ़ाई जाएगी। इस बार पूर्व महंत के आवास से बाबा विश्वनाथ सपरिवार लाल रंग की राजशाही पगड़ी पहनकर अपने राजसी वेश में काशी की गलियों में निकलेंगे। 

विज्ञापन

मजहबी एकता का प्रतीक है बाबा की पगड़ी

रंगभरी एकादशी पर काशी की गलियों में सपरिवार निकलते हैं बाबा विश्वनाथ। - फोटो : अमर उजाला
रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ जिस पगड़ी को पहनकर काशी की गलियों में निकलते हैं, वह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। गयासुद्दीन पगड़ी बनाते हैं और नंदलाल अरोड़ा इस पगड़ी को सजाते हैं। गयासुद्दीन के पूरे परिवार ने पगड़ी को तैयार करने में सहयोग किया है।
पढ़ें: बाबा विश्वनाथ की पगड़ी बना रहे गयासुद्दीन, इस बार अनूठे रंगोत्सव की साक्षी बनेगी काशी
विज्ञापन

नंदलाल अरोड़ा - फोटो : अमर उजाला
नंदलाल ने बताया कि उनके दादा स्व. मुकुंद लाल अरोड़ा ने पगड़ी सजाने का काम किया था। इसके बाद पिता स्व. कृष्ण लाल अरोड़ा ने इस जिम्मेदारी को संभाला था। हमारे बाद छोटे बेटे मोहित दास इस जिम्मेदारी को संभालेंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें