रामनगर के 1000 व्यवसायिक भवनों से नगर निगम ने गृहकर वसूलने की तैयारी कर ली है। पहले चरण में व्यवसायिक भवनों से गृहकर लेने के लिए बिल भेजे जा रहे हैं। कुछ ऐसे भवन हैं, जिनमें नीचे दुकान और ऊपर मकान हैं। ऐसे भवनों से भी गृहकर लिया जाएगा। जिसका लोग विरोध कर रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों के अनुसार रामनगर पालिका को नगर निगम में शामिल किया गया था तो कहा गया कि पांच साल तक कोई कर नहीं लिया जाएगा, लेकिन अब नगर निगम गृहकर का बिल भेज रहा है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अधिनियम के अनुसार जिन पालिकाओं को नगर निगम में शामिल किया गया है।
वहां के व्यवसायिक भवनों से गृहकर लिया जा सकता है। पहले चरण में व्यवसायिक भवनों से कर लेने के लिए बिल भेजे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सुविधाएं मिल नहीं रही हैं। ऐसी स्थिति में गृहकर किस बात का दिया जाए। इस मुद्दे को आने वाले सदन की बैठक में उठाने का मन पार्षदों ने बनाया है।
पहले चरण में होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीस्टोरी बिल्डिंग निशाने पर
नगर निगम के निशाने पर पहले चरण में होटल, रेस्टोरेंट और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में कारोबार करने वाले लोग हैं। इनसे पहले गृहकर वसूला जाएगा। इसके बाद आवासीय भवनों से गृहकर लिया जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
रामनगर में केवल व्यवसायिक भवनों से ही गृहकर लिया जाएगा। आवासीय भवनों से कोई कर नहीं लिया जाएगा। जिन भवनों में नीचे दुकान और ऊपर मकान हैं। उनमें केवल दुकान के हिस्से को व्यवसायिक मानकर उतने क्षेत्र का गृहकर लगेगा।
-राकेश कुमार साेनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम