वाराणसी के नियार की प्राचीन रामलीला से संबंधित कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल होने पर मैथिली समाज के लोगों ने नाराजगी जाहिर की। मामला पुलिस तक पहुंचा तो समिति के लिए लोगों ने सफाई दी।
वाराणसी जिले में इन दिनों अलग-अलग स्थानों पर रामलीला का मंचन हो रहा है। एक ऐसे ही रामलीला से संबंधित आमंत्रण कार्ड विवादों के घेरे में आ गया। विवाद की वजह आमंत्रण पत्र पर लिखे शब्द। चोलापुर थाना क्षेत्र के नियार की प्राचीन रामलीला से संबंधित कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल होने पर मैथिली समाज के लोगों ने नाराजगी जाहिर की।
विज्ञापन
मामला पुलिस तक पहुंचा तो समिति के लिए लोगों ने सफाई दी। कहा कि परंपरा के अनुसार रामलीला को रोचक बनाने के लिए ऐसा किया गया। इसके लिए समिति ने माफी भी मांगी।
गधापुर नरेश नाम का एक काल्पनिक राजा
रामलीला समिति के लोगों के द्वारा बताया गया कि परंपरा है कि रामलीला को रोचक बनाने के लिए गधापुर नरेश नाम का एक काल्पनिक राजा सीता स्वयंवर में आता है। धनुष तोड़ने का प्रयास करता है, लेकिन असफल हो जाता है। इस सीन को रोचक बनाने के लिए अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। हालांकि कार्ड छपने के बाद इसे बांटने से मना किया।
सोशल मीडिया पर मामला आने के बाद रामलीला समिति के लोगों को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई। समिति के लोगों ने बताया कि आस्था से खिलवाड़ की कोई मंशा नहीं थी। यह महज परंपरा है। इसके लिए समिति के लिए माफी भी मांगी।