तीन पीढ़ियों से अभिनय कर रहे रामराज्य दुबे
शाहंशाहपुर की रामलीला इस साल अपने 151वें साल में प्रवेश कर चुकी है। रामलीला में इस बार राम की भूमिका रामराज्य दुबे कर रहे हैं। रामराज दुबे पहले लक्ष्मण बनते थे। वे पांच बार लक्ष्मण बन चुके हैं। इस साल पहली बार राम की भूमिका में हैं। रामराज दुबे 12वीं के छात्र हैं। उनके पिता और दादा भी रामलीला में किरदार निभा चुके हैं।
तीन साल से राम बन रहे उन्नत
शिवपुर रामलीला में राम का किरदार निभाने वाले उन्नत मिश्रा और भाई लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले उज्ज्वल मिश्रा का रामलीला में यह तीसरा वर्ष है। लाल जी कुआं पंचकोशी मार्ग शिवपुर के रहने वाले उन्नत और उज्ज्वल दोनों सगे भाई राम लक्ष्मण का किरदार निभाते हैं।
पहले भरत अब राम की भूमिका में देव
चिरईगांव के जाल्हूपुर टूड़ी नगर रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभा रहे 11 वर्षीय देव तिवारी अमौली के निवासी हैं। पिछले साल देव ने भरत की भूमिका निभाई थी। इनके पिता स्व. अरविंद तिवारी और परदादा संस्कृत के विद्वान थे।
रामनगर के राम पिछले साल बने थे जानकी
रामनगर की रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभा रहे अथर्व पांडेय पिछले साल जानकी की भूमिका में थे। रामलीला में श्रीराम को लगभग कुल 270 संवाद बोलने पड़ते हैं। इन संवादों को याद करने में कुल लगभग 56 दिन लगते हैं। शिवदत्त व्यास सभी पात्रों को संवाद के साथ ही भावभंगिमा सिखाते हैं।
पहली बार अभय बने चित्रकूट रामलीला के राम : श्री चित्रकूट की रामलीला में रामलीला का पात्र निभाने वाले अभय दुबे पहली बार राम की भूमिका निभा रहे हैं। संस्कृत विद्यालय के कक्षा आठ के छात्र अभय मूलत: विदिशा मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। वह पातालपुरी मठ में रहकर अध्ययन करते हैं। उनके पिताजी प्रेम नारायण दुबे किसान हैं।